बिलासपुर

छत्तीसगढ़ में मिड-डे मील पर विवाद! हाईकोर्ट ने पूछा- बाकी 26 जिले कब होंगे शामिल?

Government School News: छत्तीसगढ़ में मिड-डे मील योजना के तहत मिलेट चिक्की वितरण को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि यह योजना केवल सात जिलों तक ही सीमित क्यों है और बाकी 26 जिलों के विद्यार्थियों को इसका लाभ कब मिलेगा।
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Updated: 30 Jul 2026, 1:27 PM IST
Mid-Day Meal Scheme Chhattisgarh
Mid-Day Meal Scheme Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में मिड-डे मील पर विवाद(photo-patrika)

Mid-Day Meal Scheme Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में संचालित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मिड-डे मील) योजना को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि सप्ताह में तीन दिन 20 ग्राम मिलेट चिक्की देने की योजना केवल सात जिलों तक ही क्यों सीमित है। कोर्ट ने जानना चाहा कि राज्य के शेष 26 जिलों के विद्यार्थियों को इस पोषण योजना का लाभ क्यों नहीं मिल रहा। मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया है। अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।

Chhattisgarh High Court: मीडिया रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और संचालन को लेकर लगातार सामने आ रही खबरों के बाद हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायालय ने एक न्यायमित्र की नियुक्ति की और उन्हें विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण कर योजना की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए।

सात जिलों तक सीमित है मिलेट चिक्की योजना

सुनवाई के दौरान न्यायमित्र ने अदालत को बताया कि सप्ताह में तीन दिन 20 ग्राम मिलेट चिक्की का वितरण वर्तमान में केवल सात जिलों में किया जा रहा है। इनमें नियद नेल्लानार योजना से जुड़े पांच जिले और जशपुर व रायगढ़ शामिल हैं। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि शेष 26 जिलों के छात्रों को इस पोषण योजना से वंचित रखने का आधार क्या है। अदालत ने इस संबंध में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षाकर्मियों की पेंशन मामले में भी अहम फैसला

इसी सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षाकर्मियों की सेवा अवधि को पेंशन पात्रता में शामिल करने से संबंधित राज्य सरकार की रिट अपील खारिज कर दी। अदालत ने पूर्व में सिंगल बेंच द्वारा दिए गए आदेश को बरकरार रखते हुए सरकार को इस विषय पर स्पष्ट नीति बनाने के निर्देश दिए।

विभागीय परीक्षा परिणाम भी किया निरस्त

हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा विभागीय परीक्षा (भाग-दो, 2017) के परिणाम को भी रद्द कर दिया। अदालत ने माना कि परीक्षा में निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर प्रश्न पूछे गए थे और परीक्षा से पहले नया विषय जोड़ना प्रक्रिया संबंधी गंभीर त्रुटि है। अदालत ने वित्त विभाग को नया और स्पष्ट पाठ्यक्रम जारी करने तथा अभ्यर्थियों को पर्याप्त समय देने के बाद पुनः परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

Updated on:
30 Jul 2026, 1:27 PM IST
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