जिले की एक भी हॉट सीट के प्रत्याशियों की घोषणा की गयी है।
बिलासपुर. भारतीय जनता पार्टी ने ठाकुर, ब्राम्हण, ओबीसी समीकरण बनाकर टिकट जारी किया है। जिसका काट कांग्रेस नहीं ख्खोज पा रही है। भाजपा कोटा को छोड़कर चार सीटों पर इतना तगड़ा सोशल इंजीनियरिंग किया है, जिसका विकल्प कांग्रेस पास नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस ने शनिवार अपनी तीसरी लिस्ट जारी किया है लेकिन पांचों सामान्य सीट पर प्रत्याशी नहीं उतार सकी है। जिन प्रत्याशियों का नाम तय माना जा रहा है उनकी स्थित ऐसी हो गई है वे न तो हंस पा रहे हैं और न ही रो पाने की स्थिति में है। क्योंकि प्रतिदिन कांग्रेस समीकरण बदलते जा रहा है। इस कारण दावेदार कोई रिस्क नहीं उठा पा रहे हैं। शुक्रवार को सीईसी की बैठक हुई लेकिन लिस्ट जारी नहीं किया गया। शनिवार को दिनभ अफवाहें उड़ती रही है और 40 की जगह पर 37 दावेदारों की सूची आई जिसमें बिलासपुर जिले की एक भी हॉट सीट के प्रत्याशियों की घोषणा की गयी है।
लहरिया पर जताया भरोसा, 3 नए चेहरे : मस्तूरी विधानसभा से पहली बार चुनाव लड़े और 24 हजार मतों से जीत हासिल करने वाले दिलीप लहरिया को कांग्रेस ने फिर से इस सीट से प्रत्याशी बनाया है। वहीं लोरमी से शत्रुहन लाल चंद्राकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष को टिकट दिया गया है। मुंगेली से ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष राकेश पात्रे को टिकट दिया गया है। मरवाही से गुलाब सिंह राज को दिया गया है। इसमें दिलीप लहरिया को छोड़कर लोरमी, मुंगेली व मरवाही में नए चेहरे को मौका दिया गया है।
कोटा विस टिकट अटका बिल्हा के कारण : कोटा विधानसभा सीट में शैलेश पाण्डेय सक्रिय हैं। इधर बिल्हा में राजेन्द्र शुक्ला का भ्भी नाम चल रहा है। अगर कोटा से शैलेश पाण्डेय फायनल किया गया तो राजेन्द्र को बिल्हा से टिकट नहीं मिल पाएगा।
बेलतरा अटका बिलासपुर की वजह : बिलासपुर सीट शैलेश पाण्डेय का भी नाम चल रहा है। लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के करीबी अटल श्रीवास्तव को बिलासपुर से टिकट मांग रहे हैं। अगर शैलेश को टिकट मिला तो अटल को बेलतरा शिफ्ट करना पड़ सकता है।
रेणु को लेकर अफवाहें : डॉ. रेणु जोगी को लेकर तरह तरह की अफवाहें उड़ रही है। कांग्रेस का कार्यक्रम कोटमी में था तो वे मंच पर पहुंच गई। इससे पहले उनको उप नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाया गया। फिर वे दिल्ली गई कुछ दिन पहले भाजपा प्रवेश की अफवाह उड़ी। शनिवार को दोपहर जनता कांग्रेस से नामांकन फार्म लेने के बाद चर्चा में आई वहीं शाम को यह बात सामने आई की रेणु जोगी की फाइल सोनिया गांधी ने अपने हाथों में लिया है।