इसके लिए कोच विनय गुप्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने कडी मेहनत की, और सफलता के मुकाम तक पहुंचीं।
बिलासपुर . अंडर 17 व अंडर 19 कराते स्पर्धा में हिस्सा लेने प्रदेश की 30 खिलाडिय़ों की टीम गुजरात गई थी। बेहतर प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर की 3 बालिकाओं ने गोल्ड मैडल जीता है। तीनों खिलाड़ी मजदूर परिवार से हैं। 'पत्रिका' के बताचीत के दौरान उन्होंने बताया कि स्कूल में आत्मरक्षा के लिए कराते का प्रशिक्षण लिया था। शिक्षकों और कोच के मार्गदर्शन पाकर वे इस मुकाम तक पहुंचे। गुजरात के सूरत में 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' खेल प्रतियोगिता 2018 का आयोजन किया गया था। इसमें हिस्सा लेने प्रदेश स्तर पर 11 बालिकाएं और 17 बालक पहुंचे थे। बिलासपुर के 6 खिलाडिय़ों ने भी कराते प्रतियोगिता में भाग लिया और गुजरात के प्रतिस्पर्धी को पटखनी देते हुए गोल्ड मैडल जीता लिया। गोल्ड जीतने वाली अंजलि पिता सुखनंदन निषाद शहर के छोटी कोनी में रहती है। मानषी पिता सुनील गढ़ेवाल मौहारपारा निरतू और मंजू पिता रामायण यादव छोटी कोनी की रहने वाली है। छात्राओं ने बताया कि 5 से 7 जनवरी तक यह प्रतियोगिता आयोजित थी। इसके लिए कोच विनय गुप्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने कडी मेहनत की, और सफलता के मुकाम तक पहुंचीं।
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गरीब परिवार की छात्राओं ने दिखाए जौहर : अंजलि निषाद के पिता लोहार क? काम ?? करते है। मंजू के पिता बर्तन कारखाने में मजदूरी करते हैं। वहीं मानषी के पिता पेंटर हैं। पहले तो घर वालों ने कराते सीखने से उन्हें मना कर दिया था। लेकिन जब उन्होंने आत्मरक्षा के लिए कराते सीखने की जिद की, तो वे मान गए।
राज्य में खेल का बढ़ा स्तर : छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद राज्य के प्रत्येक जिले में खेल का स्तर बढ़ा है। सरकारी स्तर से लेकर निजी क्षेत्र में भी काफी काम हुआ है। बिलासपुर, रायपुर , भिलाई सहित अन्य जिलों में खिलाडिय़ों के लिए खेल का मैदान सहित अन्य जरुरी चीजें मुहैया कराई जा रही है। जिसके कारण खिलाड़ी देश सहित विदेशों में भी राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।