बिलासपुर

Digital Census: डिजिटल जनगणना का बड़ा कदम, हर घर को मिलेगा यूनिक लोकेशन, एंबुलेंस से ड्रोन डिलीवरी तक सेवाएं होंगी आसान

Digital Census: पहली बार हर घर को यूनिक लोकेशन आईडी दी जाएगी, जिससे न केवल पहचान आसान होगी बल्कि इमरजेंसी सेवाओं और डिलीवरी सिस्टम में भी बड़ा बदलाव आएगा।

2 min read
डिजिटल जनगणना (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Digital Census: इस बार होने वाली डिजिटल जनगणना बिलासपुर के एड्रेस सिस्टम को पूरी तरह बदलने जा रही है। पहली बार हर घर को यूनिक लोकेशन आईडी दी जाएगी, जिससे न केवल पहचान आसान होगी बल्कि इमरजेंसी सेवाओं और डिलीवरी सिस्टम में भी बड़ा बदलाव आएगा।

जनगणना के दौरान कर्मचारियों द्वारा विशेष मोबाइल एप के माध्यम से हर मकान की लोकेशन अक्षांश-देशांतर के आधार पर दर्ज की जाएगी। इससे हर घर का सटीक डिजिटल एड्रेस तैयार होगा। नगर निगम क्षेत्र के हजारों मकानों और प्रॉपर्टी को इस प्रक्रिया के तहत कवर किया जाएगा, जिससे पूरे शहर का लोकेशन डेटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।

ये भी पढ़ें

Census 2027: अब तक 2800 लोगों ने घर बैठे भरे सवाल, मकान से लेकर परिवार तक देनी होगी पूरी जानकारी, जानें डिटेल्स

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा इमरजेंसी सेवाओं में देखने को मिलेगा। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या पुलिस को किसी भी स्थान पर पहुंचने में अब भटकना नहीं पड़ेगा। सटीक लोकेशन मिलने से वे सीधे मौके पर पहुंच सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और जरूरतमंदों को त्वरित सहायता मिल सकेगी।

जीपीएस लोकेशन भी हो रही अपडेट

इसके अलावा, ऑनलाइन डिलीवरी और भविष्य में शुरू होने वाली ड्रोन डिलीवरी सेवाओं के लिए भी यह सिस्टम बेहद उपयोगी साबित होगा। डिलीवरी बॉय को अब बार-बार कॉल कर पता पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि जीपीएस के माध्यम से सीधे सही स्थान तक पहुंचा जा सकेगा।

संपत्ति और किरायेदारों के भी दर्ज हो रहे रिकॉर्ड

डिजिटल जनगणना से शासन-प्रशासन को भी सटीक डेटा मिलेगा, जिससे शहर में सडक़, पानी, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी। साथ ही संपत्ति और किरायेदारों का रिकॉर्ड व्यवस्थित होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों में कमी आएगी।

इससे संबंधित खबरें पढ़े

बंद घर, सुरक्षा गार्ड और अपार्टमेंट कल्चर से जूझ रही जनगणना टीम, ग्रामीण क्षेत्रों में काम आसान- बिलासपुर समेत अधिकांश शहरी क्षेत्रों में जनगणना के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और आवास गणना के दौरान प्रगणकों को कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहरों में बड़ी संख्या में लोग नौकरी या अन्य कारणों से दिनभर घर से बाहर रहते हैं, जिससे सर्वे टीम को बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है… पूरी खबर पढ़े

अब तक 2800 लोगों ने घर बैठे भरे सवाल, मकान से लेकर परिवार तक देनी होगी पूरी जानकारी, जानें डिटेल्स- जनगणना 2027 के लिए शुरू हुई स्व गणना प्रक्रिया में लोगों का रूझान बढ़ रहा है। 16 अप्रैल से शुरू हुई इस सुविधा का लाभ अब तक 2800 नागरिक ले चुके हैं… पूरी खबर पढ़े

ये भी पढ़ें

Holiday: जनगणना कार्य के चलते 10 जून तक अवकाश प्रतिबंधित, कलेक्टर का आदेश जारी, जानें कौन होगा प्रभावित
Updated on:
06 May 2026 01:28 pm
Published on:
06 May 2026 01:25 pm
Also Read
View All