
EV Subsidy Delay: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई सब्सिडी योजना में अब बजट की उपलब्धता अहम हो गई है। बिलासपुर जिले में वर्ष 2024 से अब तक खरीदे गए करीब 2400 इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी लंबित बताई जा रही है।
सब्सिडी को लेकर हर दिन करीब दर्जनभर वाहन खरीदार आरटीओ कार्यालय पहुंचकर अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर सूचना भी चस्पा की है। इसमें बताया गया है कि सब्सिडी के लिए राशि मुख्यालय से अब तक प्राप्त नहीं हुई है। बजट स्वीकृत होकर राशि मिलते ही नियमानुसार आवेदनों का भुगतान कालानुक्रमिक क्रम में किया जाएगा।
उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिलने से एजेंसी संचालक भी परेशान हो रहे हैं, क्योंकि उपभोक्ता हर रोज एजेंसी में जाकर इसके संबंध में अपडेट भी ले रहे हैं। कई माह बीत जाने की वजह से कई उपभोक्ता तो यह भी भूल चुके हैं कि उन्हे ईवी वाहन खरीदने पर सब्सिडी भी मिलने वाली है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पात्र खरीदारों को प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया था। इसका उद्देश्य पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता और प्रदूषण कम करने के साथ लोगों को ईवी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत ई-स्कूटर, ई-बाइक, ई-ऑटो, ई-रिक्शा और ई-कार खरीदने वाले पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार सब्सिडी दी जानी है। हालांकि, भुगतान के लिए जरूरी बजट सीमित मिलने से सभी आवेदनों का निपटारा नहीं हो पाया है।
लंबित सब्सिडी के लिए करीब 18 करोड़ रुपए की जरूरत का प्रस्ताव परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में शासन को भेजा गया था, लेकिन 4.70 करोड़ रुपए ही मिल पाए थे। उपलब्ध राशि में से करीब एक करोड़ रुपए हितग्राहियों को दिए भी जा चुके हैं। बाकी राशि अन्य को दी जा रही है। वहीं, शेष भुगतान के लिए अब अगले बजट का इंतजार है।
विभाग की सूचना के अनुसार, शेष आवेदनों का भुगतान मुख्यालय से राशि मिलने के बाद उनके प्राप्ति क्रम के अनुसार होगा। अगला बजट कब उपलब्ध होगा, इसे लेकर फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा सामने नहीं आई है। जिसकी वजह से आए दिन ईवी के ग्राहक वहां पहुंचकर अपनी सब्सिडी की जानकारी ले रहे हैं।
असीम माथुर, आरटीओ बिलासपुर के मुताबिक, सब्सिडी के लिए राशि मुख्यालय से अब तक प्राप्त नहीं हुई है। उपलब्ध बजट से नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को भुगतान किया जा रहा है। शेष आवेदनों का भुगतान राशि मिलने के बाद कालानुक्रमिक क्रम में किया जाएगा। बजट उपलब्ध होने पर लंबित आवेदनों के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।