
बिलासपुर. मनुष्य के जीवन में शुभ तिथि काफी मायने रखते हैं। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र तो मुहूर्त की शुभता की गणना पर ही आधारित है। जिसके चलते हर एक कार्य में शुभ तिथि देखी जाती है। वर्तमान में चुनावी माहौल है और प्रत्याशी नाम की घोषणा होते ही नामांकन फॉर्म खरीद चुके है और अब उसे जमा करने की तैयारी में जुटे है।
ज्योतिषाचार्यों की माने तो विजयश्री पाने के लिए पुष्य नक्षत्र में फार्म भर उम्मीदवार को जीत दिला सकता है। दो नवंबर तक नामांकन की अंतिम तिथि है ऐसे में ज्योतिष गणना में विजयश्री हासिल करने 31 अक्टूबर को सर्वोत्तम योग बन रहा है।
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद डॉ.उद्धव श्याम केसरी ने बताया कि कोई भी कार्य शुभ तिथि में किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। नामांकन जमा करने के लिए पांच दिन शेष है। इसमें 29 को आद्रा नक्षत्र व 30 को पुर्नवसु नक्षत्र होगा। 29 को पुर्नवसु नक्षत्र में फॉर्म भर सकते है लेकिन उत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए 31 अक्टूबर के दिन पुष्य नक्षत्र में नामांकन फॉर्म भरना अच्छा तो रहेगा ही साथ ही साथ विजयश्री भी दिलाएगा। इसी तरह से 1 नवंबर व 2 नवंबर की तिथि में मूल नक्षत्र है। मूल नक्षत्र ज्योतिष गणना की दृष्टि से शुभ काम करने के लिए वर्जित माना गया है।
विजेता बनने मां दुर्गा की आराधना उत्तम : ज्योतिषों की माने तो 31 को अघोई अष्टमी भी है इस दिन मां दुर्गा की पूजा साधना योग में करने से भी पुण्य फल मिलेगा। साथ ही भगवान गणेश शुभता के प्रतीक है तो उनकी पूजा भी इस तिथि में उत्तम मानी गई है।