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ज्यूडिशियल अफसरों और रिटायर्ड अधिकारियों को मिलेगा ACP का लाभ, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

ACP scheme for judicial officers: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेवारत और रिटायर्ड न्यायिक अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) के तहत प्रथम समयबद्ध वेतनमान स्वीकृत करने के आदेश जारी किए हैं।
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बिलासपुर

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 4 Aug 2026, 1:25 PM IST

CG Highcourt

CG Highcourt: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला(photo-patrika)

Judicial Officers ACP Benefit: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायिक सेवा से जुड़े सेवारत और पूर्व अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) के तहत समयबद्ध वेतनमान स्वीकृत करने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव की ओर से जारी अलग-अलग आदेशों में लोअर ज्यूडिशियल सर्विस, हायर ज्यूडिशियल सर्विस तथा पूर्व न्यायिक अधिकारियों को उनकी पात्रता और सेवा अवधि के आधार पर प्रथम ACP का लाभ प्रदान किया गया है। यह फैसला न्यायिक अधिकारियों के करियर विकास और वित्तीय लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Chhattisgarh HC big decision: 26 सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अधिकारियों को मिला प्रथम ACP

हाईकोर्ट ने लोअर ज्यूडिशियल सर्विस के 26 अधिकारियों को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कैडर का प्रथम ACP स्केल मंजूर किया है। इनमें नेहा यति मिश्रा, दिल्ली सिंह बघेल, अपूर्वा डांगी, भास्कर मिश्रा, प्रवीन मिश्रा, प्रतीक्षा अग्रवाल, मयूरा गुप्ता, आस्था यादव, निधि शर्मा, तनु श्री गबेल, दीप्ति सिंह गौर, पल्लव रघुवंशी, भूपेश कुमार बसंत, चेतना ठाकुर, सीमा कंवर, जसविंदर कौर अजमानी मलिक, असलम खान, आनंद कुमार सिंह, शिव प्रकाश त्रिपाठी, रमेश कुमार चौहान, लोकेश कुमार, सुमन सिंह, रूपल अग्रवाल, गिरिश पाल सिंह, मंजुलता सिन्हा और बरखा रानी वर्मा शामिल हैं।

हायर ज्यूडिशियल सर्विस के 23 अधिकारियों को भी लाभ

रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में हायर ज्यूडिशियल सर्विस के 23 अधिकारियों को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्रेणी का प्रथम ACP स्केल भी स्वीकृत किया गया है। इन अधिकारियों में विजय कुमार होता, मंसूर अहमद, विनीता वार्नर, गिरिजा देवी मेरावी, खिलावन राम रिगरी, संघरत्ना भाटपहाड़ी, थॉमस एक्का, देवेंद्र नाथ भगत, प्रवीन कुमार प्रधान, मुकेश कुमार पात्रे, मोहनी कंवर, पल्लवी तिवारी, अश्वनी कुमार चतुर्वेदी, उर्मिला गुप्ता, बलराम साहू, लीलाधरसाय यादव, राकेश कुमार सोम, कमलेश कुमार जुर्री, जितेंद्र कुमार ठाकुर, जगदीश राम, मोनिका जायसवाल, अनिल कुमार बारा और पुष्पलता मार्कंडेय शामिल हैं।

1999 से 2011 की सेवा अवधि को भी मिली मान्यता

हाईकोर्ट ने 27 न्यायिक अधिकारियों की वर्ष 1999 से 2011 के बीच की पूर्व सेवा अवधि को भी प्रथम ACP के लिए मान्य माना है। इन अधिकारियों को उनकी पूर्व सेवा अवधि के आधार पर समयबद्ध वेतनमान का लाभ मिलेगा।

इस सूची में कंवर लाल छारयानी, सुषमा सावंत, रजनीश श्रीवास्तव, राकेश बिहारी घोरे, सुमन एक्का, नीता यादव, अनीता डहरिया, अब्दुल वाहिद कुरैशी, सत्यभामा अजय दुबे, किरण चतुर्वेदी, शैलेश कुमार तिवारी, सरोज नंद दास, विनोद कुमार देवांगन, लीना अग्रवाल, पंकज कुमार जैन, पंकज कुमार सिन्हा, हरिश कुमार अवस्थी, श्रद्धा शुक्ला शर्मा, मधु तिवारी और गरिमा शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

पूर्व न्यायिक अधिकारियों को भी मिला लाभ

हाईकोर्ट ने केवल वर्तमान में कार्यरत अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि पूर्व में न्यायिक सेवा दे चुके अधिकारियों को भी प्रथम ACP का लाभ देने का निर्णय लिया है। आदेश के तहत छह पूर्व अधिकारियों को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) का प्रथम ACP स्वीकृत किया गया है। इनमें अशोक कुमार पोद्दार, स्वर्गीय दिलेश्वर सिंह राठिया, छमेश्वर लाल पटेल, कृष्णकांत भारद्वाज, श्रीनारायण सिंह और प्रिसिला पॉल होरो शामिल हैं।

इसके अलावा 23 पूर्व न्यायिक अधिकारियों को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) का प्रथम ACP मंजूर किया गया है। इनमें लोचन राम ठाकुर, रेशमलाल कुर्रे, स्वर्गीय कार्तिक राम, गणेश राम सांडे, स्वर्गीय रोहित सिंह तंवर, प्रभाकर गवाल, वीर सिंह सलाम, उमाशंकर मिश्रा, प्रदीप कुमार सिंह, जानताराम बंजारा, प्रमोद सिंह परास्ते, उमेश कुमार चौहान, स्वर्गीय मनीष कुमार नायडू, रजनी दुबे, दीपा कटारे, निर्मल मिंज, नंद कुमार सिंह ठाकुर, नूरदीन तिगाला, स्वर्गीय कांता मार्टिन, नीलम चंद सांखला, नरेश कुमार चंद्रवंशी और अन्य अधिकारी शामिल हैं।

Judicial Officers ACP: किन शर्तों के साथ मिलेगा ACP का लाभ

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि ACP से मिलने वाले वित्तीय और सेवा संबंधी लाभ संबंधित अधिकारी के विरुद्ध यदि वेतनवृद्धि रोकने जैसी कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रभावी है, तो यह लाभ उसी के अधीन रहेगा। यानी यदि किसी अधिकारी पर ऐसी कार्रवाई लागू है, तो ACP का लाभ संबंधित नियमों के अनुसार प्रभावित हो सकता है।

न्यायिक सेवा के लिए महत्वपूर्ण फैसला

विशेषज्ञों के अनुसार यह आदेश न्यायिक अधिकारियों के करियर विकास, समयबद्ध पदोन्नति के समान वित्तीय लाभ और सेवा हितों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे लंबे समय से पात्र अधिकारियों को ACP का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। साथ ही, पूर्व न्यायिक अधिकारियों को भी इस दायरे में शामिल कर हाईकोर्ट ने सेवा अवधि के सम्मान और समानता के सिद्धांत को मजबूती दी है।