
दो हिस्सों में टूटा बांसाझाल का जर्जर पूल (photo Patrika)
Bridge Accident: बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा राष्ट्रीय मार्ग पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। बांसाझाल स्थित वर्षों पुराना जर्जर पुल अचानक बीच से धंसकर दो हिस्सों में टूट गया। उसी समय यात्रियों से भरी एक बस पुल से गुजर रही थी। पुल का स्लैब धंसते ही बस का अगला हिस्सा टूटे हुए मुहाने पर जाकर अटक गया। चालक की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की तत्परता से करीब 50 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यदि बस कुछ फीट और आगे बढ़ जाती तो वह सीधे नीचे नदी में गिर सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना उस समय हुई जब बस बांसाझाल पुल के बीचों-बीच पहुंची थी। अचानक तेज धमाके के साथ पुल का स्लैब धंस गया और देखते ही देखते पुल दो हिस्सों में बंट गया। बस का अगला हिस्सा टूटे हुए पुल के किनारे पर अटक गया, जबकि पीछे का हिस्सा सड़क पर ही रहा। बस के भीतर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग घबराकर चीखने लगे। बस चालक ने घबराने के बजाय वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे बस पूरी तरह नदी में नहीं गिरी। इसके बाद स्थानीय ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के बाद बस के सह-चालक (कंडक्टर) ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जिसमें पुल का टूटा हुआ हिस्सा, मुहाने पर अटकी बस और डरे-सहमे यात्री साफ दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुल ढहने के कारण बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। इस मार्ग के बंद होने से बिलासपुर का संपर्क पेंड्रा, गौरेला और अमरकंटक के साथ-साथ मध्यप्रदेश के अनूपपुर, शहडोल और जबलपुर क्षेत्रों से भी प्रभावित हो गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मरवाही और मनेंद्रगढ़ जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य मार्ग बंद होने के कारण सड़क के दोनों ओर यात्री बसों, ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
हादसे की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। पुलिस ने पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी। साथ ही छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बांसाझाल का यह पुल लंबे समय से जर्जर हालत में था। कई बार इसकी मरम्मत और नए पुल के निर्माण की मांग की गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुल की समय पर मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया गया होता तो इस तरह की घटना नहीं होती।
Updated on:
02 Aug 2026 07:33 pm
Published on:
02 Aug 2026 07:32 pm
