बिलासपुर

हाईकोर्ट की चेतावनी बेअसर! बारिश ने खोल दी प्रशासन के दावों की पोल, 30 जुलाई तक मांगी प्रगति रिपोर्ट

High Court: बिलासपुर में मानसून की पहली बड़ी बारिश ने नगर निगम और बिजली विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी। जलभराव और घंटों बिजली गुल रहने से जनजीवन प्रभावित रहा।
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Bilaspur High Court: (photo-patrika)
Bilaspur High Court: (photo-patrika)

Chhattisgarh High Court: आंधी-तूफान और बारिश के दौरान बिलासपुर की सड़कों पर जलभराव और लगातार बिजली कटौती के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि केवल कार्ययोजना बना लेना काफी नहीं है, जब तक उसका लाभ आम जनता को जमीन पर न मिले, लेकिन इन दिशा निर्देशों का कोई असर निगम और प्रशासन के अफसरों पर नहीं दिख रहा।

शुक्रवार को शहर की बदहाली पूरी तरह उजागर हो गई जब शहर जलमग्न होने के साथ बिजली भी दिन भर गुल रही। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने 8 जुलाई को सुनवाई में ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव, बिजली कंपनी के एमडी और बिलासपुर नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और 30 जुलाई 2026 तक ठोस प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जलभराव रोकने के लिए किया व्यवस्था का दावा

निगम कमिश्नर की ओर से दिए शपथपत्र में नेहरू चौक स्थित विकास भवन में समर्पित कंट्रोल रूम गठित कर नोडल अधिकारी तैनात करने,अप्रैल 2026 से सभी 8 जोनों में प्रमुख नालों और नालियों की गाद निकालने का काम जारी होने की जानकारी दी गई। जलभराव से निपटने के लिए जेसीबी, पंप और राहत सामग्री के प्रबंध की बात भी उन्होंने कही।

सिर्फ दावे, काम नहीं

  • सीएसपीडीसीएल ने बिजली गुल की समस्या से निबटने के ये उपाय बताए थे
  • टूटने वाले सीमेंट पोल की जगह अब मजबूत लोहे के बिजली खंभे लगाए जाएंगे।
  • बिजली व्यवस्था सुधारने मंगला (11,731 उपभोक्ता) और कोनी (10,080 उपभोक्ता) में दो नए सप्लाई जोन बनेंगे।
  • मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना से आंधी-तूफान में टूटने वाले खुले तारों को हटाकर कवर्ड केबल लगाने के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
  • गिरे पेड़ों और होर्डिंग से बाधित बिजली तुरंत बहाल करने के लिए अतिरिक्त स्काईलिफ्ट वाहन तैनात होंगे।
  • बढ़ते लोड को देखते हुए 1 अतिरिक्त हाई वोल्टेज सब-स्टेशन और दो 33/11 केवी के सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए कलेक्टर से जमीन मांगी गई है।
  • शिकायत निवारण और हाई-टेंशन लाइनों के रखरखाव के लिए नई निविदाएं जारी कर अधिक कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं।
  • उपभोक्ता शिकायतों को तय समय-सीमा के भीतर हल करने की व्यवस्था।

निगम के एक अधिकारी के अनुसार केवल रिकॉर्ड बारिश ही वजह नहीं, शहर में जलभराव के पीछे और भी कारण हैं, जिनमें प्रमुख ये हैं

  • लगातार लगभग 12 घण्टे अत्यधिक वर्षा के कारण पानी का जमाव और निकासी की धीमी गति
  • व्यापार विहार, नेहरूनगर, मंगला, सरकंडा सहित प्रमुख पुरानी बसाहटों से नियोजित निकासी नहीं
  • पानी के बहाव क्षेत्र में कॉलोनी और घर बना दिए गए पर पानी निकासी के लिए नए नाले और चैनल नहीं
  • पानी निकासी के लिए शहर मुख्यत: जवाली नाले पर निर्भर है, जबकि ऐसे ही और बड़े नाले बनाए जाने की जरूरत है जो बरसाती पानी को नदी में और शहर से बाहर निकाल सकें।
Updated on:
18 Jul 2026 05:43 pm
Published on:
18 Jul 2026 05:43 pm