CG News: शराब दुकानों का विरोध, चखना सेंटर सहित आबकारी विभाग की मनमानी के खिलाफ मीडिया में लगातार खबरें आती रही हैं।
Bilaspur News: हाईकोर्ट ने स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थलों समेत खेल मैदान और अस्पताल के आस-पास संचालित शराब दुकानों पर प्रकाशित खबरों को स्वत: संज्ञान में लिया है। मामले को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए कोर्ट ने राज्य शासन और जिला प्रशासन को नोटिस भी जारी किया।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में शासन की ओर से कहा गया कि लोकभा के लिए आचार संहिता लागू होने के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है। आचार संहिता खत्म होने के बाद नियमों और प्रावधानों के आधार पर शराब दुकानें और चखना दुकानों को हटाया जाएगा और शिफ्ट किया जाएगा। शासन ने फिलहाल कार्रवाई नहीं हो पाने की जानकारी देते हुए विस्तृत जवाब के लिए समय ले लिया।
जिले में 65 से अधिक देशी-विदेशी मदिरा दुकानों का संचालन शासन स्तर पर संचालित किया जा रहा है। लम्बे समय से जनता के बीच से स्कूल, कालेज, धार्मिक स्थलों समेत अस्पतालों के आस-पास संचालित सरकारी शराब दुकानों को लेकर विरोध किया जा रहा है। समय समय पर ऐसे स्थानों पर संचालित दुकानों को हटाए जाने की मांग होती रही है। आबकारी विभाग समेत कलेक्टर प्रशासन को आवेदन भी किया गया। बावजूद इसके प्रशासन ने जनता की मांग को अनसुना कर शराब दुकानों को हटाने से अप्रत्यक्ष रूप से अस्वीकार किया जाता रहा है।
गुंडागर्दी और छेड़खानी, स्टूडेंट व प्रबंधन त्रस्त...
स्कूल-कॉलेज के पास संचालित दुकानों के चलते छात्र-छात्राओं समेत स्कूल- कालेज प्रबंधन को हमेशा सुरक्षा को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ा है। खासकर महिलाओं, छात्राओं को अधिक मुश्किल होती है। जबकि नियमानुसार ऐसे चिन्हित स्थानों और हाईवे से कम से कम 500 मीटर से अधिक दूर पर शराब दुकान लगाने का निर्देश है। बावजूद इसके राजस्व को ध्यान में रखते हुए न तो विभाग ने जनता की आवाज को गंभीरता से लिया और न ही प्रशासन।
यह हालत है शहर और आसपास
नियमों की अनदेखी...
शराब दुकानों का विरोध, चखना सेंटर सहित आबकारी विभाग की मनमानी के खिलाफ मीडिया में लगातार खबरें आती रही हैं। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इसे जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार करते हुए राज्य शासन, आबकारी विभाग और कलेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बिलासपुर में आबकारी विभाग के अधिकारी नियमों की अनदेखी कर स्कूल, कॉलेज और अस्पताल के नजदीक शराब बेच रहे हैं। इनकी दूरी न्यूनतम 100 और अधिकतम 300 मीटर है। इन्हें हटाने लंबे समय से मांग की जा रही है।