
Paramedical Courses 2026: मेडिकल क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए अब डॉक्टर या नर्सिंग का ही विकल्प नहीं रह गया है, अस्पतालों में जांच, उपचार और ऑपरेशन से जुड़ी तकनीकी सेवाओं के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की बढ़ती जरूरत युवाओं के लिए नए अवसर खोल रही है। इसी को देखते हुए छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एलाइड एंड हेल्थकेयर के 11 पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। इनमें तीन डिप्लोमा और आठ स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम शामिल हैं। सिम्स में इन पाठ्यक्रमों के लिए कुल 91 सीटें निर्धारित की गई हैं।
डिप्लोमा स्तर पर एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, डायलिसिस टेक्नोलॉजी और मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी की पढ़ाई होगी। वहीं स्नातक स्तर पर बैचलर ऑफ फिजिशियन एसोसिएट्स, हेल्थ इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट, मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी, एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी, डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी, ऑप्टोमेट्री और मेडिकल लेबोरेटरी साइंस शामिल हैं।
इन पाठ्यक्रमों में डिप्लोमा की अवधि दो साल और स्नातक डिग्री की अवधि तीन साल निर्धारित है। सिम्स में कुल 91 सीटें उपलब्ध हैं।
इन पाठ्यक्रमों के बाद युवाओं के लिए अस्पतालों और जांच केंद्रों में काम करने के अवसर उपलब्ध होंगे। रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग के प्रशिक्षित युवा एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सेवाओं से जुड़ सकते हैं। मेडिकल लेबोरेटरी साइंस के विद्यार्थी पैथोलॉजी लैब और ब्लड बैंक में काम कर सकेंगे। एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी के जानकार शल्य कक्ष और आईसीयू में सहयोग देंगे। डायलिसिस टेक्नोलॉजी के प्रशिक्षित युवाओं के लिए डायलिसिस सेंटर और किडनी रोग विभाग में अवसर हैं।
डॉ. रमणेश मूर्ति, डीन, सिम्स के मुताबिक, यह पैरामेडिकल पाठ्यक्रम हैं। शासन से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में पत्र मिला है। दिवाली के बाद दाखिले की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डिप्लोमा और डिग्रीधारी अस्पतालों में सहायक के रूप में काम करते हैं। इनकी उपलब्धता से स्वास्थ्य संस्थानों को अतिरिक्त मानव संसाधन मिलता है और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।