Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर ठग अब अंतरराष्ट्रीय हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में ऐसे दो मामले सामने आए हैं जिनके ठग का जाल अमरीका, चीन, यूरोप और दुबई तक जा पहुंचा है। लगातार इन ठगों पर पुलिस की निगरानी बनी हुई है।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर ठगों का जाल फैलता ही जा रहा है। अभी तक यह माना जाता था कि यह छोटे जिलों तक सीमित है। लेकिन ये दो खबरें बता रही हैं कि ये ठग अब अंतरराष्ट्रीय हो चुके हैं। राजनांदगांव में कारोबारी से हुई ठगी के मामले में रुपए दुबई के एटीएम से निकालने की बात सामने आई है। वहीं बिलासपुर से ठगी करने वालों ने भी खुलासा किया है उनका संपर्क उत्तरी अमरीका, यूरोप और चीन तक है।
पहला केस राजनांदगांव में.. यहां के बसंतपुर निवासी एक कारोबारी शेयर मार्केट में दो गुना अधिक कमाई करने के फेर में ऐसा फंसा कि स्वयं के साथ ही रिश्तेदारों के लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपए ठगों के हवाले कर दिए।
इन्वेस्ट करने पर शुरुआत में कमाई भी हुई पर विड्रॉल करने की प्रक्रिया आसान नहीं थी। कारोबारी ठगों की बातों में आता गया और देखते ही देखते 3 करोड़ 40 लाख रुपए शेयर मार्केट में लगा दिए। साइबर ठगों ने पहले शेयर मार्केट में होने वाले हलचल के बारे में उक्त व्यापारी को जानकारी दी। ट्रेडिंग में शुरुआती दिनों में फायदा होने लगा तो व्यापारी की रुचि बढ़ती गई।
कारोबारी ने पहले तो अपने पास से रकम लगाई फिर मुनाफे के लालच में अपने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार में रकम लेकर ऑनलाइन ट्रेनिंग में लगाने लगा। कुछ दिनों के बाद जब ठगे जाने का अहसास हुआ तो कारोबारी ने पुलिस में शिकायत की। जांच शुरू की तो खुलासा हुआ कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग हैं।
पुलिस ने ठगों को राजस्थान और एक ठग को केरल से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि आरोपी रकम को केरल, उत्तरप्रदेश, असम आदि राज्यों में मौजूद खातों में ट्रांसफर कर केरल से निकालते थे। इसके अलावा आरोपियों द्वारा पीडि़त से प्राप्त करीब 60 लाख रुपए को डेबिट कार्ड की माध्यम से दुबई में रकम विड्रॉल किए हैं। एएसपी राहुल देव शर्मा ने बताया कि इस प्रकरण में 50 लाख रुपए होल्ड कराए गए हैं।
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दूसरा केस बिलासपुर शहर के एक रिटायर्ड कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर 54 लाख की ठगी करने वाले दो आरोपियों को बिलासपुर एंटी क्राइम यूनिट ने अलवर से ट्रांजिट रिमांड पर लाया है। पार्लर में काम करने वाले इन आरोपियों ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर जुलाई में बुजुर्ग से वसूली की थी। इन साइबर ठगों के गैंग का उत्तरी अमरीका, चाइना और यूरोप से कनेक्शन होने का भी पता चला है।
आरोपियों ने यूएसटीडी क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट कर ठगी के पैसों को सुरक्षित किया है। (Chhattisgarh News) बिलासपुर एंटी क्राइम यूनिट के निरीक्षक विजय चौधरी ने बताया कि बिलासपुर निवासी सेंट्रल गवर्नमेंट के सेवानिवृत्त कर्मचारी जयसिंह चंदेल (71 वर्ष) ने जुलाई-2024 में 54 लाख की साइबर ठगी का मामला दर्ज कराया था।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: अलवर में आरोपियों के ठिकाने में दबिश देकर पुलिस ने कोतवाली थाना इलाके में रहने वाले निकुंज कुमार, लक्क्ष्य सैनी को पकड़ लिया। दोनों आरोपी मैंन्स पार्लर में काम करते हैं और पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा कर रहे हैं। दोनों आरोपियों के बैंक अकाउंट में ठगी के 9-9 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। इनका तीसरा साथी गौरव फरार है। गैंग के आरोपी ठगी के पैसों को अपने व्हाट्सऐप ग्रुप से उत्तरी अमरीका, चाइना और यूरोप के अपने संपर्क सूत्र से ज्यादा रकम देकर यूएसडीटी क्रिप्टो करंसी खरीदता था।
बिलासपुर, एसपी रजनेश सिंह: साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीकों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। गैंग के मुख्य सरगना विदेश में बैठकर यहां के लोगों से ठगी करवा रहे हैं। ये लोग अपने आप को पुलिस का अधिकारी, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बताकर ठगी का प्रयास करते हैं। पुलिस कभी भी डिजिटल समन, वारंट या डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।