23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

CG News: ‘अनुभव’ से बदलेगा पुलिसिंग का अंदाज, आईजी तक सीधे पहुंच रही जनता की आवाज, जानें कैसे

Bilaspur News: 6 फरवरी से लागू इस व्यवस्था के तहत रेंज के सभी थानों और पुलिस कार्यालयों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं। फरियादी या आम नागरिक इसे स्कैन कर अपने अनुभव, शिकायत या सुझाव सीधे आईजी स्तर तक दर्ज कर सकते हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बिलासपुर

•

image

Khyati Parihar

•

Updated: 15 Feb 2026, 11:35 AM IST

क्यूआर स्कैन करते ही आईजी तक पहुंच रही थानों की हकीकत (फोटो सोर्स- पत्रिका)

क्यूआर स्कैन करते ही आईजी तक पहुंच रही थानों की हकीकत (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: थानों में मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता अब सीधे रेंज आईजी की निगरानी में है। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग द्वारा शुरू की गई "अनुभव-क्यूआर आधारित जन फीडबैक प्रणाली" ने महज 8 से 10 दिनों में असर दिखाना शुरू कर दिया है।

6 फरवरी से लागू इस व्यवस्था के तहत रेंज के सभी थानों और पुलिस कार्यालयों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं। फरियादी या आम नागरिक इसे स्कैन कर अपने अनुभव, शिकायत या सुझाव सीधे आईजी स्तर तक दर्ज कर सकते हैं। शुरुआत के 10 दिनों में ही करीब 500 से अधिक लोगों ने फीडबैक दिया है। कुछ ने सकारात्मक सुझाव दिए तो किसी ने नकारात्मक फीडबैक दिया। निगेटिव फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए आईजी गर्ग ने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षकों को इसमें सुधार करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि थाने आने वाले फरियादी पूरी तरह संतुष्ट होकर जाएं।

अनुभवों में दिखी जमीनी जरूरतें

फीडबैक में थानों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सुझाव सामने आए हैं। लोगों ने पेयजल व्यवस्था सुधारने, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, बाउंड्री वॉल निर्माण, स्वच्छता बनाए रखने, स्टाफ की कमी दूर करने और गश्त-पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है। रेंज स्तर पर रोजाना सभी जिलों से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा कर संबंधित जिलों को कार्यवाही के लिए भेजा जा रहा है, ताकि सुधार केवल कागजों तक सीमित न रहे।

कुछ जिलों में सुधार की जरूरत

रेंज के कुछ जिले जैसे कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, जीपीएम, सक्ती और सारंगढ़ जिले से अनुभव को लेकर वैसा रिस्पांस नहीं आ रहा है। माना जा रहा कि, स्थानीय पुलिस इसे आम जनता तक सही तरीके से पहुंच नहीं पा रही, जिसकी वजह से लोग इस अनुभव अभियान से जुड़ नहीं पा रहे हैं। आईजी ने संबंधित पुलिस अधीक्षकों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जागरुकता अभियान चलाने की बात कही है।

रेंज के सभी जिलों से आए फीडबैक

सबसे अधिक प्रतिक्रियाएं बिलासपुर जिले से करीब 150 और रायगढ़ से लगभग 100 मिली हैं। कोरबा से 20, जांजगीर-चांपा से 28, मुंगेली से 38, जीपीएम से 18, सक्ती से 23 और सारंगढ़ से 3 फीडबैक दर्ज हुए हैं। कुछ जिलों में अपेक्षाकृत कम प्रतिक्रिया पर आईजी ने पुलिस अधीक्षकों को जागरूकता बढ़ाने और मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

"अनुभव" केवल शिकायत मंच नहीं, बल्कि भरोसे का सेतु है। हम चाहते हैं कि थानों व पुलिस दफ्तरों में आने वाला हर नागरिक सम्मान और सहजता का अनुभव करे। सकारात्मक फीडबैक हमारे लिए प्रेरणा है, जबकि नकारात्मक सुझाव सुधार का अवसर हैं। जो कमियां सामने आ रही हैं, उन्हें गंभीरता से लेकर तत्काल सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाना है। - रामगोपाल गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज