Police Colony Water Supply Cut: पेंड्रा-गौरेला थाना परिसर स्थित पुलिस कॉलोनी में नगर पालिका द्वारा नल कनेक्शन काटे जाने से जल संकट गहरा गया है। भीषण गर्मी के बीच पानी की सप्लाई बंद होने से पुलिस परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Water Supply Cut: छत्तीसगढ़ के पेंड्रा-गौरेला थाना परिसर स्थित पुलिस कॉलोनी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नगर पालिका ने अचानक नल कनेक्शन काट दिया। भीषण गर्मी के बीच पानी की सप्लाई बंद होने से पुलिस परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी में जल संकट गहरा गया है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। स्थिति बिगड़ने से स्थानीय पुलिसकर्मी और उनके परिवारों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की जा रही है।
नगर पालिका प्रशासन के अनुसार पुलिस कॉलोनी द्वारा लंबे समय से जल शुल्क का भुगतान नहीं किया जा रहा था। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं की गई। करीब चार महीने पहले थाना प्रभारी को लिखित सूचना देकर भुगतान की मांग भी की गई थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। इसके बाद नियमों के तहत कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई की गई।
पानी की सप्लाई बंद होने से कॉलोनी में रह रहे पुलिसकर्मी और उनके परिवारों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच पेयजल संकट ने स्थिति और भी कठिन बना दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के पानी की आपूर्ति बंद करना सही कदम नहीं था। इससे रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी में जल्द से जल्द जल आपूर्ति बहाल करने की मांग लगातार उठ रही है।
पुलिस परिवारों का कहना है कि इस तरह अचानक नल कनेक्शन काट देना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि पहले से कोई स्पष्ट सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना जल आपूर्ति रोक दी गई, जिससे उनके दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या और बढ़ गई है, जिससे कॉलोनी में रह रहे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल आपूर्ति बहाल करने और उचित समाधान निकालने की मांग की है।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मुकेश दुबे ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि गर्मी के मौसम में इस तरह का कदम सख्त तो है, लेकिन लंबे समय से बकाया राशि जमा न होने के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मानवीय दृष्टिकोण से पहले समाधान की कोशिश की जानी चाहिए थी।
उनके अनुसार नियमों के तहत कार्रवाई करना आवश्यक था, हालांकि आगे ऐसी स्थिति न बने इसके लिए बातचीत और वैकल्पिक समाधान पर भी विचार किया जाना चाहिए। प्रशासन इस मामले में संतुलित समाधान निकालने की दिशा में प्रयास कर रहा है।
यह पूरा मामला अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे नियमों के अनुसार की गई कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे गर्मी के मौसम में अमानवीय कदम करार दे रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस कॉलोनी में जल आपूर्ति कब तक बहाल की जाएगी। फिलहाल पुलिस कॉलोनी में पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है और प्रशासनिक स्तर पर समाधान की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद पर नया निर्णय सामने आने की उम्मीद है।