16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रायपुर में LPG गैस सप्लाई पर बड़ा खुलासा! 3 एजेंसियों पर एक साथ छापा, रिकॉर्ड से गायब सैकड़ों सिलेंडर

Chhattisgarh Gas cylinder Raid: रायपुर में गैस सिलेंडर सप्लाई को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य विभाग ने तीन गैस एजेंसियों पर छापेमारी कर अनियमितताएं उजागर की हैं। जांच में स्टॉक और रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

2 min read
Google source verification
Chhattisgarh Gas cylinder Raid

Chhattisgarh Gas cylinder Raid(Photo-patrika)

Chhattisgarh Gas cylinder Raid: देशभर में गैस सप्लाई और उपलब्धता को लेकर सामने आ रही समस्याओं के बीच राजधानी रायपुर में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य विभाग ने शिकायत मिलने के बाद शहर की तीन प्रमुख गैस एजेंसियों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान सप्लाई व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं और कई अनियमितताएं उजागर हुईं। अधिकारियों ने मौके पर दस्तावेजों और स्टॉक रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें गड़बड़ियों की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित एजेंसियों पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Chhattisgarh Gas cylinder Raid: मौर्य गैस एजेंसी से 900 से अधिक सिलेंडर बरामद

नरहदा स्थित मौर्य गैस एजेंसी की जांच के दौरान अधिकारियों को भारी मात्रा में बिना रिकॉर्ड दर्ज किए गए गैस सिलेंडर मिले। जांच में 883 घरेलू गैस सिलेंडर और 53 व्यावसायिक गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिनका किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं था।

इसके अलावा गोदाम में स्टॉक रजिस्टर और दैनिक रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। आवश्यक दस्तावेजों का सही रखरखाव भी नहीं किया गया था। मामले को गंभीर मानते हुए खाद्य विभाग ने मौर्य गैस एजेंसी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और आगे की जांच शुरू कर दी है।

कान्हा और लक्ष्मी गैस एजेंसी में भी मिली गड़बड़ी

खाद्य विभाग की टीम ने केवल एक एजेंसी ही नहीं, बल्कि कान्हा गैस एजेंसी और लक्ष्मी गैस एजेंसी में भी जांच की। सहायक संचालक सचिन मारकम और सहायक खाद्य अधिकारी देवेंद्र बग्गा की निगरानी में हुई इस कार्रवाई में दोनों एजेंसियों के दफ्तर और गोदामों का निरीक्षण किया गया। जांच में इन दोनों एजेंसियों में भी स्टॉक रिकॉर्ड और दस्तावेजों में असमानता पाई गई। ऑनलाइन रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक का मिलान सही तरीके से नहीं हो सका, जिससे संदेह और गहरा गया है।

ऑनलाइन और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर

जांच के दौरान अधिकारियों को यह भी पता चला कि कई जगहों पर ऑनलाइन स्टॉक रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि गैस वितरण और स्टॉक मैनेजमेंट में गंभीर लापरवाही या अनियमितता हो सकती है। हालांकि अभी जब्त किए गए सिलेंडरों की पूरी संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है।

गैस घोटाले से जुड़े तारों की जांच की आशंका

खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि मामला केवल स्थानीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों को शक है कि इसका संबंध महासमुंद गैस घोटाले जैसी बड़ी घटनाओं से भी हो सकता है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गोपनीय जांच में जुटी हुई है।

प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

रायपुर के अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने स्पष्ट किया है कि तीनों गैस एजेंसियों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सभी संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ताओं पर असर और आगे की कार्रवाई

इस मामले के सामने आने के बाद गैस सप्लाई व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी अन्य एजेंसियों की जांच की जा सकती है ताकि गैस वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।