बिलासपुर. नगरीय निकायों के पेंशनरों के जीवित होने का प्रमाण पत्र अब अधिकारियों को तैयार कर मुख्यालय भेजना होगा। मुख्यालय नेइसके लिए 31 अक्टूबर मियाद तय की है। जिन पेंशनरों का प्रमाणपत्र नहीं भेजा जाएगा उन्हें पेंशन का भुगतान नहीं हो पाएगा। जानकारी में पेंशनरों के बैक खाते की जानकारी और प्रमाण पत्र सत्यापित भी करना जरूरी कर दिया गया है।
प्रत्येक वर्ष नवंबर महीने में पेंशनरों के जीवित प्रमाणपत्र संबंधित विभाग के मुख्यालय भेजा जाना जरूरी होता है। पहले यह काम पेंशनरो को खुद कराना पड़ता था और इसे संबंधित मूल विभाग के जिला मुख्यालय के नोडल अधिकारी के समक्ष अक्टूबर महीने के अंतिम सप्ताह तक जमा करते थे। इस वर्ष नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने निकायों के प्रभारियों को फरमान जारी कर निकायों से सेवानिवृत्त होने वाले पेशनर अधिकारी और कर्मचारियों के जीवित प्रमाणपत्र राजपत्रित अधिकारियों को स्वयं सत्यापित करने और31 अक्टूबर तक हर हाल में मुख्यालय भेजने के आदेश दिए हैं। जीवित प्रमाणपत्र समय पर नहीं भेजने पर संबंधित पेशनरों को पेशन का भुगतान नहीं होने की चेतावनी दी गई है। पेंशनरों क प्रमाण पत्र के साथ संबंधितों के नामों की सूची भी मुख्यालय भेजनी जरूरी है।
700 से ज्यादा हैं नगर निगम के पेंशनर
नगर निगम बिलासपुर से सेवानिवृत्त हो चुके पेंशनर और उनकी मृत्यु के बाद संबंधित पुरूष कर्मचारियों की पेशन की पात्रता वाली पत्नियों समेत कुल संख्या 700 से अधिक है। पेंशनरों के प्रमाण पत्र बनाना निगम अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर है। इनमें ऐसे भी पेंशनर हैं जो अस्वस्थ्य हैं और जीवित होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए जिला मुख्यालय तक जाने में सक्षम नहीं है। ऐसे पेंशनरों को ढूंढना निगम अधिकारी और कर्मचारियों के लिए टेढ़ी खीर है।
करना होगा प्रकाशन
मुख्यालय ने जारी आदेश में कहा है कि जिन पेंशनरों का जीवित प्रमाण पत्र भेजा जाना है उनके संबंध में संबंधितों को सूचित करने समाचार पत्रों में इसका प्रकाशन भी करना जाना है, ताकि सभ पेंशनरों को जानकारी समय पर मिलने और उनका प्रमाण पत्र बनाने में समस्या न हो।