Bilaspur News: अपने छोटे-बड़े बिजनेस को प्रमोट करने के लिए आज के समय में सबसे बेहतर और किफायती तरीकों में से एक है इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग। लोकल इन्फ्लुएंसर की रीच लोकल ऑडियंस के बीच काफी गहरी होती है।
Chhattisgarh News: अपने छोटे-बड़े बिजनेस को प्रमोट करने के लिए आज के समय में सबसे बेहतर और किफायती तरीकों में से एक है इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग। लोकल इन्फ्लुएंसर की रीच लोकल ऑडियंस के बीच काफी गहरी होती है। प्राप्ति रॉय भगत शहर की जानीमानी इन्फ्लुएंसर हैं, इनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लाख से भी अधिक फॉलोवर हैं।
प्राप्ति अपने क्लासी वुमनिया नाम के इंस्टा पेज पर मेकअप टुटोरिअल और मेकअप से जुड़े पोस्ट शेयर करती हैं। इनके अकाउंट रीच भी लाखों में है। पत्रिका से बात करते हुए प्राप्ति बताती हैं कि टेक्नोलॉजी ने लोगों की कला को एक नई पहचान दी है। आज अगर कोई भी इंसान किसी भी एक कला में माहिर है तो उसे वह सोशल मीडिया प्लेटफार्म में शेयर कर अच्छी खासी ऑडियंस एंगेज कर सकता है। वह बताती हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म से अपने आर्ट को लोगों तक ले जाना तो बेहद सरल है लेकिन अपनी ऑडियंस तैयार कर पाना एक चुनौती है। क्योंकि इसका कोई शॉर्टकट नहीं है। अगर अपने अपने सोशल मीडिया चैनल को बढ़ाना है तो आपको लगातार नियमित रूप से कड़ी मेहनत और प्रयास करते रहने की जरूरत है। क्योंकि इस प्लेटफार्म पर लोग आपकी तारीफ करेंगे तो आलोचना भी।
अपने आर्ट पर लगातार काम करने की जरूरत
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक सफल इन्फ्लुएंसर बनने के लिए लगातार अपने आर्ट अपने क्राफ्ट पर काम करने की जरूरत पड़ती है। इस फील्ड में कॅरियर किसी भी अन्य प्रोफेशन की ही तरह है। इसमें भी हर दिन नए आइडियाज के साथ आना पड़ेगा, ताकि हम अपने ऑडियंस को एंगेज रख सकें।
ब्यूटी ट्यूटोरियल के दीवाने हैं लोग
प्राप्ति रॉय भगत के मेकअप ट्यूटोरियल को देखने और पसंद करने वाले लाखों दर्शक हैं। प्राप्ति अपने वीडियोज में नए ट्रेंड्स के हिसाब से ब्राइडल मेकअप, एथेनिक मेकअप जैसे ढेरों वीडियोज शेयर करती हैं। जिसे देख इनके ऑडियंस भी आइडियाज लेकर सेल्फ ग्रुमिंग सीखते है। वह कहती हैं कि जब उनको फॉलोवर उन्हें मैसेज कर इस तरह की बात साझा करते हैं, तब उन्हें बहुत खुशी होती है।
ऑनलाइन ट्रोल्स से बनाएं दूरी
प्राप्ति बताती हैं कि उन्हें पर्सनली तो कभी ट्रोल्स का सामना नहीं करना पड़ा लेकिन उन्होंने इस तरह के मामले देखे हैं, जहां ट्रोल्स के चलते इन्फ्लुएंसर डिप्रेसिव हो जाते हैं। वह कहती हैं कि ऑनलाइन कम्युनिटी का पार्ट है। ऑनलाइन ट्रोल्स इसे रोक पाना असंभव सा है। लेकिन एक इन्फ्लुएंसर के तौर पर आपको इस निगेटिविटी से बचने की जरूरत है। इसके लिए सबसे बेहतर तरीका है कि हम कमेंट सेक्शन पर ध्यान न दें। वहीं अगर कोई लगातार अभद्र टिप्पणी कर रहा है तो उसे ब्लॉक कर रिपोर्ट करें।