जमीन खाली नहीं करने देने के लिए महिलाएं आगे आ गईं।
बिलासपुर . ज्वाली पुल के पास सोमवार को अतिक्रमण हटाने गए नगर निगम के कर्मचारी व कब्जाधारियों के बीच जमकर विवाद हुआ। कार्रवाई रोकने के लिए महिलाएं आगे आ गईं। महिलाओं ने नगर निगम के कर्मचारियों को खूब खरीखोटी सुनाई। विवाद इतना बढ़ गया, कि हाथापाई की नौबत आ गई। आखिरकार शाम 5 बजे निगम कर्मी कार्रवाई करने के बाद वहां से लौटे। ज्वाली पुल के पास रमाशंकर गोरख द्वारा नगर निगम की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कर लिया गया था। अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम द्वारा नोटिस दिया गया, तो गोरख ने मामला कोर्ट में लगा दिया। कोर्ट ने नगर निगम के पक्ष में फैसला दिया। इसके बाद फिर से नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया।े रमाशंकर ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद तहसीलदार द्वारा सीमांकन करने के लिए टीम बनाई गई। सोमवार को नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर अतिक्रमण शाखा की टीम जमीन खाली कराने मौके पर पहुंची। जमीन खाली नहीं करने देने के लिए महिलाएं आगे आ गईं।
इससे निगम का अमला शांत पड़ गया। काफी देर तक समझाने के बाद पुलिस ने महिलाओं की भीड़ को खदेडऩे की कोशिश की, लेकिन फिर महिलाओं ने एक साथ मिलकर विरोध करना शुरू कर दिया। आखिरकार शाम पांच बजे पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा, जिसके बाद नगर निगम ने बेजा कब्जा हटाया। आधे घंटे के भीतर दीवार व मकान-दुकान को ढहा दिया गया।
मिशन रोड में विवाद के बाद डामरीकरण : मिशन अस्पताल रोड में नाली बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने के दौरान जमकर विवाद हुआ। नगर निगम द्वारा नाली सीधी करने की बात कही जा रही थी। लगभग 12 लोगों की दुकान का शटर व मकान के गेट इसकी जद में आ रहे थे। तीन चार लोगों के स्लैब को तोडऩे के बाद नगर निगम का अमला ठिठक गया। शाम के समय मिशन अस्पताल के आगे से किसी का अतिक्रमण नहीं हटाया गया। वहीं सड़क बनाने के दौरान सभी मैनहोल व चेम्बर ढंक दिए गए हैं।
ईंट पत्थर लेकर दौड़े लोग : कार्रवाई के दौरान जितने पुरुष नगर निगम के कर्मचारियों के साथ दुव्र्यवहार कर रहे थे। इससे कहीं ज्यादा महिलाएं कर्मचारियों से विवाद कर रही थीं। महिलाओं के हाथ में ईंट-पत्थर थे, जिसे पुलिस ने छुड़वाया।