
बिलासपुर. जिस जमीन को नगर निगम की एमआईसी ने फायर स्टेशन के लिए नगर सेना को देने का प्रस्ताव पारित किया वह निगम की नहीं बल्कि पीएचई की है। इसकी वजह से जमीन अधिग्रहण अटक गया और शासन से 1 करोड़ का फंड आने के बाद भी फायर स्टेशन के निर्माण का कार्य लटककर रह गया है। राज्य शासन के आदेशानुसार निगम प्रशासन ने फायर ब्रिगेड को अमला और संसाधन समेत नगर सेना को सौंप दिया है। फायर ब्रिगेड का दायित्व नगर सेना को मिलने के बाद नगर सेना ने फायर स्टेशन के लिए निगम के ंपंप हाउस के भूखंड को खुद के आधिपत्य में देने की मांग की। करीब साढ़े चार माह पूर्व गत 23 मार्च 2018 को महापौर किशोर राय की अध्यक्षता में आयोजित एमआईसी की बैठक में पंप हाउस की 43,200 स्क्वेयर फीट जमीन नगर सेना को फायर स्टेशन के लिए देने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इस बैठक में निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे, मेयर किशोर राय, सभापति अशोक विधानी, 11 एमआईसी सदस्य, निगम के चारों कार्यपालन अभियंता और विभागों के अफसर मौजूद रहे लेकिन किसी को इस बात का भान ही नहीं था कि जिस भूखंड को वे नगर सेना को फायर स्टेशन के लिए देने का प्रस्ताव एमआइसी से पारित कर भेज रहे हैं वो भूखंड उनका है ही नहीं। निगम प्रशासन इस भूखंड का सालों से उपयोग जरूर कर रहा है परंतु यह भूखंड वास्तव में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का है।
एमआईसी से प्रस्ताव पारित होने के बाद जब नगर सेना के जिला सेनानी ने शासन को पत्र भेजकर खसरा नंबर 244 और 247 के भूखंड का नामांतरण नगर सेना के नाम पर करने का प्रस्ताव भेजा तब इस बात का पता चला। नगर सेना के फायर स्टेशन की स्थापना का मामला कागजी कार्रवाई में उलझकर रह गया।
ये होना है निर्माण : फायर स्टेशन परिसर में फायर वाहनों के खड़े करने के लिए स्टेंड, प्रशासनिक भवन, ओव्हर हैड टैंक, कर्मचारियों के लिए बैरक का निर्माण और बोर कराया जाना है। जिसके लिए अब नगर सेना को शासन से मंजूरी का इंतजार है। वहां से मंजूरी मिलते ही काम आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो सकेगी।
निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका : फायर स्टेशन के निर्माण के लिए शासन से 1 करोड़ का फंड आया है, परंतु भूखंड पीएचई के होने की जानकारी सामने आने के बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है। नगर निगम प्रशासन द्वारा इसके लिए प्रक्रिया की जा रही है।
अशोक वर्मा, डिस्ट्रिक कमांडेंट होमगार्ड
अफसरों को दिए गए है निर्देश : रिकार्ड अपडेट न होने के कारण की त्रुटि सामने आई है। भविष्य में इस तरह की त्रुटि न हो, इसके लिए अफसरों को निर्देश दिए गए है।
किशोर राय, महापौर, नगर निगम बिलासपुर