हाईकोर्ट वकील निरुपमा बाजपेई ने पत्रिका के चेंजमेकर अभियान के तहत चर्चा करती हुई कही।
बिलासपुर. बिलासपुर शहर राज्य का दूसरा बड़ा शहर है। भले ही यहां हाईकोर्ट की स्थापना कर दी गई है, लेकिन आज भी प्रार्थियों को न्याय के लिए राज्य के अलग-अलग शहरों में जाना पड़ता है। हमारी सरकार बनने के बाद बिलासपुर को पूर्ण न्यायधानी का दर्जा दिलाने की कोशिश की जाएगी। यह बातें बिलासपुर विधानसभा की संभावित कांग्रेस प्रत्याशी व हाईकोर्ट वकील निरुपमा बाजपेई ने पत्रिका के चेंजमेकर अभियान के तहत चर्चा करती हुई कही।
1. शहर अव्यवस्था फैली हुई है। जिसके कारण बिलासपुर पिछड़ा हुआ शहर के रुप में जाना जाता है। सबसे पहले यहां की बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुधारा जाएगा।
2. शहर मेें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना होने के बाद भी इसे पूर्ण न्यायधानी का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है।पूर्ण दर्जा दिलाने की योजना पर काम किया जाएगा।
3. शहर की पहचान अरपा नदी से है। और यह शहर की जीवनदायिनी है। इसके संरक्षण के लिए लोगों को जागरुक किया जाएगा।
4. रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे तथा स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
5. शहर में रोजगारमूलक शैक्षणिक संस्थाओं की कमी है। जिसका निर्माण कराया जाएगा।
6. किसानों के भविष्य को सुधारने के लिए कृषि पर जोर दिया जाएगा। जिससे पलायन को रोका जा सके।
7. शहर में यातायात की भारी कमी है। रेलवे जोन होने के बावजूद यहां कई टे्रनों का ठहराव नहीं होता। इसके लिए भी योजना बनाई जाएगी।
8. महिलाओं की सुरक्षा के लिए जगह-जगह सिक्योरिटी पाइंट का निर्माण किया जाएगा तथा उन्हें शिक्षित और आर्थिक मदद दिलाने के लिए रोजगार मुहैया कराने की योजना बनाई जाएगी।
9. शहर में लगातार बढ़ रहे अपराध को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किया जाएगा।
10. कानून की शिक्षा ग्रहण करने बाहर आने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।