बिलासपुर

Police Recruitment: पुलिस भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, चयन सूची से नहीं भरेंगे सभी पद, वेटिंग लिस्ट से होगी नियुक्ति

High Court: बिलासपुर हाईकोर्ट ने पुलिस भर्ती से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में बड़ा आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि चयन सूची जारी होने के बाद भी यदि पद रिक्त रह जाते हैं, तो उन्हें वेटिंग लिस्ट (प्रतीक्षा सूची) के अभ्यर्थियों से भरा जाएगा।
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Bilaspur High Court
Bilaspur High Court(photo-patrika)

Police Recruitment: बिलासपुर हाईकोर्ट ने पुलिस भर्ती से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में बड़ा आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि चयन सूची जारी होने के बाद भी यदि पद रिक्त रह जाते हैं, तो उन्हें वेटिंग लिस्ट (प्रतीक्षा सूची) के अभ्यर्थियों से भरा जाएगा।

यह आदेश न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ ने पारित किया। मामले में याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि पुलिस विभाग द्वारा करीब 5967 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। चूंकि अभ्यर्थियों को एक से अधिक जिलों में आवेदन करने की अनुमति थी, इसलिए कई उम्मीदवार एक से अधिक जिलों में चयनित हो गए।

याचिकाकर्ता का तर्क था कि एक ही अभ्यर्थी कई जिलों की चयन सूची में शामिल होने के कारण वास्तविक रूप से बड़ी संख्या में पद खाली रह जाएंगे, जबकि विभाग ने सभी पद भरने का दावा किया है। साथ ही, कुछ ओबीसी अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग में भी चयनित दिखाए जाने पर भी सवाल उठाए गए।

जॉइनिंग के बाद ही स्पष्ट होंगे रिक्त पद

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि चयन सूची मेरिट के आधार पर जिला स्तर पर तैयार की गई है और एक से अधिक जिलों में चयन होना विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति तब सामने आएगी, जब चयनित अभ्यर्थी किसी एक स्थान पर जॉइन करेंगे। ऐसे में जिन अन्य स्थानों पर वे चयनित हैं, वहां पद स्वत: रिक्त हो जाएंगे।

कोर्ट का निर्देश: खाली पद वेटिंग लिस्ट से भरें

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि यह स्पष्ट है कि केवल चयन सूची से सभी पद नहीं भर पाएंगे। इसलिए राज्य सरकार को निर्देशित किया गया है कि पहले चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करें। इसके बाद जो पद रिक्त रह जाते हैं, उन्हें विधि अनुसार प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों से भरा जाएं। कोर्ट ने उक्त निर्देशों के साथ याचिका का निपटारा कर दिया है।

इधर,सीजीएमएससी ने बताया-सिम्स में 13 मशीन खरीदी का ऑर्डर हुआ

सिम्स की व्यवस्था सुधार को लेकर जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। सीजीएमएससी की ओर से बताया गया कि 13 मशीनों का ऑर्डर दे दिया गया है। बाकी के स्टेटस की जानकारी के लिए समय मांगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई 8 अप्रैल को रखी है। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से शपथ पत्र पर जवाब मांगा था कि सिम्स में मशीनों का इंस्टॉलेशन कब तक और किस प्रकार किया जाएगा। सिम्स में करीब 31 उपकरणों की खरीद की जानी है, जिनमें से 7 उपकरणों के लिए ही टेंडर प्रक्रिया हुई है।

पिछली सुनवाई के दौरान डीबी ने शासन से कहा कि आप कब तक टेंडर करते रहेंगे, मरीजों का इलाज कैसे होगा? डिवीजन बेंच में शासन की ओर से बताया गया था कि अस्पताल में मशीनें लगाने लगातार टेंडर प्रक्रिया चल रही है। कोर्ट ने कहा कि मशीनें जल्द से जल्द लगाकर शुरू करनी होगी।

Updated on:
24 Mar 2026 01:01 pm
Published on:
24 Mar 2026 01:01 pm