बिलासपुर. नहर लाइनिंग निर्माण में एक बार फिर से गुणवत्ताहीन कार्य सामने आया है। अरपा भैंसाझार से तखतपुर होते हुए बिल्हा तक बनी नहर की लाइनिंग बारिश में उखड़कर बह गई है। गुणवत्ताहीन निर्माण ने नहर में हुई लाइनिंग पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
अरपा भैंसाझार बैराज से खेतों में सिंचाई के लिए नहरें बनाई गई हैं। इनमें से एक नहर जोगीपुर होते हुए तखतपुर क्षेत्र के गांवों के बीच से बिल्हा तक बनाई गई है। नहर में लाइनिंग का काम राधेश्याम अग्रवाल ठेका कंपनी को मिला था। ठेका कंपनी ने नहर में लाइनिंग का निर्माण 4 महीने पहले ही किया था। लाइनिंग में लाइनिंग का काम अरपा भैंसाझार बैराज से लेकर तखतपुर क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया तक हुआ है। लाइनिंग निर्माण के दौरान भीषण धूप थी और निर्माण को पकने के लिए पर्याप्त धूप मिली थी। बारिश शुरू होने के बाद ही अरपा भैंसाझार बैराज से विभाग ने नहरों से पानी छोड़ना शुरू कर दिया था। नहर से लगातार पानी छोड़ा जा रहा था। इस बीच दो बार झमाझम बारिश भी हुई, लेकिन नहर लाइनिंग को कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन बारिश थमने के 4 दिनों के बाद बुधवार को जाेगीपुर में नहर लाइनिंग का स्लॉट बह गया। ग्रामीणों की इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे ।
तखतपुर के खम्हरिया में भी बहा स्लॉट
गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य जोगीपुर तक ही सीमित नहीं है। तखतपुर के ग्राम खम्हरिया में भी गुणवत्ताहीन नहर लाइनिंग का काम सामने आया है। यहां भी नहर लाइनिंग के कई स्लॉट बह गए हैं।
एक्वा डक्ट से बह रहा पानी
नियम के तहत बारिश में नहरों से पानी छोड़ा जाना होता है ताकि जिन खेतों में पानी की जरूरत होती है वे पानी का उपयोग कर लें, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने नहरों से पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इसके स्थान पर अरपा नदी में बनाए गए 7 करोड़ की लागत से एक्वा डाक्ट से नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।
नहर में लाइनिंग का काम मिट्टी के उपर होता है। बारिश में जोगीपुर और खम्हरिया में कुछ स्लॉट बहने की जानकारी मिली है। परफामेंस गारंट में होने के कारण इसे ठेकेदार फिर से बनाएगा ताकि आने वाले कुछ महीनों के बाद पानी छोड़ने के दौरान परेशानी न हो। स्टॉल बहना आम बात है।
आईए सिद्दीकी
ईई, सिंचाई विभाग व प्रभारी अरपा भैंसाझार बैराज