
बिलासपुर . सीयू में एक्सीलेरेटर सेंटर में चल रही गतिविधियों का निरीक्षण मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्यों ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर शैलेन्द्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रोफेसर एस.एस. सिंह, केन्द्र प्रभारी प्रोफेसर पी.के. बाजपेयी एवं शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग के अन्य शिक्षक मौजूद थे। मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्यों ने सीयू को परियोजना के सुचारू संचालन में संपूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया और परियोजना पूर्ण होने के लिए बीआरएनएस की ओर से संपूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सदस्यों ने बीआरएनएस द्वारा दी गई धनराशि का समय पर उपयोग करने तथा इसमें किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर और सहयोग का आश्वासन दिया साथ ही परियोजना को सैद्धांतिक रूप में मार्च 2021 तक बढ़ाए जाने की भी उम्मीद जताई। समिति ने जल्द से जल्द परमाणु नियामक बोर्ड से मशीन चलाने की अंतिम अनुमति प्राप्त कर केन्द्र की सुविधाओं का उपयोग वैज्ञानिक समुदाय को प्रदाय किये जाने पर बल दिया। प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कमेटी में प्रोफेसर आलोक चक्रवर्ती, एडिशनल डायरेक्टर, वीईएसी, कोलकाता, डॉ. वैशाली नायक, वरिष्ठ वैज्ञानिक, वीईएसी, कोलकाता, डॉ. एस.एन झा, वरिष्ठ वैज्ञानिक, राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस टेक्नालॉजी, इंदौर, डॉ. पी. संगीता, सदस्य सचिव, एडवांस टेक्नालॉजी कमेटी, बीआरएनएस एवं डॉ. डी.के. दलाल शामिल थे।
छात्रों का चयन : सीयू के कई छात्रों का चयन नेट, स्लेट और गेट में हुआ है। वानिकी विभाग वानिकी विभाग के दो विद्यार्थियों चयन नेट 2018 में हुआ है। इनमें अनुपमा महतो व मनीष कनेरिया शामिल हैं। राजनीति विज्ञान विभाग से अमित कुमार गुप्ता, हर्षा साहू और शारीरिक शिक्षा विभाग के सात विद्यार्थियों का चयन नेट में हुआ है। इनमें चेतन श्रीवास, राहुल, रमाकांत वर्मा, प्राची गुप्ता, कुसमोर्ती जांगड़े, हीरामती साहू एवं अमित मरकाम शामिल हैं।
प्रशासनिक भवन का निरीक्षण : गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति ने बुधवार को प्रशासनिक भवन के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान कुलपति गुप्ता अकादमी विभाग, विकास अनुभाग, मीडिया प्रकोष्ठ कार्यालय, सूचना प्रकोष्ठ, प्रशासन अनुभाग, विधि प्रकोष्ठ, अधिष्ठाता छात्र कार्यालय, छात्रों के लिए बनाए गए स्वागत कक्ष एवं कुलसचिव कार्यालय गईं। उन्होंने अधिकारियों को समय की पाबंदी के साथ ही कर्मचारियों एंव अधिकारियों को टेबल पर नेम प्लेट रखने की हिदायत दी।