
बिलासपुर. शहर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। आए दिन दो से ढाई सौ लोग कोराना की चपेट में आ रहे हैं। एेसे संकट की स्थिति में अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को अपनी उत्तरपुस्तिकाओं (आंसरशीट) को जमा करने में जान जोखिम में डालना पड़ रहा है। डाक घरों के सामने घंटों लाइन में खड़े होकर आंसरशीट जमा करने में छात्र-छात्राओं के पसीने छूट रहे हैं। शासन-प्रशासन के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र-छात्राओं की परेशानी की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे उनके सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
आसंरशीट जमा करने में 25 से 70 रुपए तक करने पड़ रहे हैं खर्च
छात्र-छात्राओं ने बताया कि आंसरशीट स्पीड पोस्ट से भेजने पर पर 25 से 70 रुपए तक लग जा रहे हैं। यह छात्रों का शोषण नहीं तो और क्या है।
डाक घर के पास भी छात्र लिखते रहे प्रश्नों के उत्तर
छात्र आंसरशीट में संशोधन डाकघर के पास ही बैठकर कर रहे थे। कोरोना संकट ने छात्रों को प्रश्नों के आंसर लिखने के लिए लगभग 5 दिन का समय दे दिया है, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को आंसर लिखकर उसे स्पीड पोस्ट या ई-मेल के जरिए भेजने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है।
शनिवार होने के कारण रही भीड़
छात्रों की परीक्षा 2 अक्टूबर को हुई। उन्हें इस पेपर का आंसरशीट जमा करने के लिए 5 दिन का समय दिया गया है। अगले दिन रविवार होने के कारण छात्रों को आशंका थी कि 3 दिन में आंसरशीट डाकद्वारा नहीं पहुंच पाएगा। इसलिए शनिवार को डाकघरों पर भीड़ लग गई थी।
ऑनलाइन मेल करने में दिक्कत
छात्रों ने बताया कि 30 से 40 पेज स्कैन कर एक ही पीडीएफ में मेल करना संभव नहीं है, क्योंकि ई-मेल द्वारा 23 एमबी से बड़ी फाइल नहीं भेजी जा सकती है। बहुत से छात्रों के पास स्कैनर व एक साथ पीडीएफ बनाने की सुविधा न होने से भी दिक्कत हो रही है।
आंसरशीट जमा करने 5 दिन का समय
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंसरशीट जमा करने के तीन विकल्प दिए हैं। छात्र अपना आंसरशीट 5 दिन के भीतर ऑनलाइन ईमेल के जरिए अथवा स्पीड पोस्ट से अथवा किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालयीन समय में विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में भी जमा कर सकते हैं।
-प्रवीण पांडे, परीक्षा नियंत्रक, अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़।