Illegal sand mining in cg:: मुंगेली में अवैध रेत खनन पर कार्रवाई करने पहुंचे वन अमले पर माफियाओं ने हमला कर दिया, जिसमें दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
Illegal sand mining in cg: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर रेत माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दो वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं। घटना 10 अप्रैल 2026 की रात खुड़िया वन परिक्षेत्र के सरगढ़ी परिसर की है, जिसने वन विभाग और प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अवैध रेत उत्खनन की सूचना मिलने पर वन रक्षक अभिषेक बर्मन, योगेश बरेठ, देवेन्द्र बघेल समेत टीम जंगल की ओर रवाना हुई थी। भुक्खुनाला के पास टीम को एक ट्रैक्टर अवैध रेत से भरा मिला, जिसे पकड़कर चालक राजकुमार यादव को हिरासत में लिया गया।
शुरुआत में स्थिति नियंत्रण में लग रही थी, लेकिन जैसे ही टीम आगे बढ़ी, कुछ ट्रैक्टर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। वन अमला जब एक और ट्रैक्टर पकड़कर लौट रहा था, तभी भुक्खुनाला के पास अचानक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
“ट्रैक्टर क्यों ले जा रहे हो?” इस सवाल से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोपियों ने वनकर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया और लाठी-डंडों, हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। कुछ समय के लिए वन अमले को बंधक बनाकर रखा गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
हमले में वन रक्षक अभिषेक बर्मन के सिर, माथे और सीने पर गंभीर चोटें आईं, जबकि योगेश बरेठ के हाथ, पैर, गर्दन और आंख के पास गहरी चोटें दर्ज की गईं। अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आईं। जंगल के बीच फंसी टीम के लिए हालात बेहद खतरनाक हो गए थे।
स्थिति बिगड़ते देख स्थानीय ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया। सरपंच चंदर तिलगाम और नरेश तिलगाम सहित अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर वनकर्मियों को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद घायलों को तत्काल लोरमी अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद अभिषेक बर्मन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया। अन्य घायलों का इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद कलेक्टर कुंदन कुमार और डीएफओ अभिनव कुमार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कार्रवाई में जुटी हुई है।
यह घटना केवल एक हमला नहीं, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाती है। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि अवैध खनन रोकने पहुंची सरकारी टीम भी सुरक्षित नहीं रह गई है। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।