बिलासपुर. कोटा अंतर्गत ग्राम छेरकाबांधा स्थित वेलकम डिस्लरी निस्कारी के लिए बने नाले और तालाब में शराब बनाने के बाद निकले वेस्ट को फैलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ रहा रहा है। पीपरपारा स्कूल और ग्रामीणों को सिरदर्द और उल्टी से जीना बेहाल हो गया है। इसकी शिकायत एसडीएम से की गई थी, जिसमें शिकायत सहीं पाए जाने जानेपर एसडीएम ने डिस्लरी प्रबंधन को नोटिस जारी किया है।
ग्राम छेरकाबांधा स्थित वेलकम डिस्लरी प्रबंधन पिछले कई महीनों से फैक्ट्री में बनने वाली शराब के वेस्ट को लगातार तालाब, नाले और आसपास के क्षेत्र में फैला रहा है। इसके कारण आसपास रहने वाले ग्रामीण लगातार बीमार पड़ रहे हैं। साथ ही फैक्ट्री के वेस्ट से उठती बदबू के कारण पीपरपारा शासकीय मीडिल स्कूल के बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। स्कूल के बच्चों को उल्टी के साथ सिरदर्द की परेशानी हो रही है। स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कोटा एसडीएम से की थी।
जांच में शिकायत मिली सहीं
कोटा एसडीएम अमित कुमार सिन्हा ने शिकायत पर नायब तहसीलदार लखेश्वर किरण को जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन लगातार क्षेत्र में शराब बनाने के बाद वेस्ट को नाले में बहा रहा है और तालाब में डाल रहा है, इससे लगातार बदबू उठ रही है और स्कूल में पढ़ना मुश्किल हो गया है। जांच सहीं पाए जाने के बाद नायब तहसीलदार किरण ने रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है।
एनओसी की जानकारी दी, लेकिन दिखाया नहीं
जांच में फैक्ट्री प्रबंधन से जानकारी लेने पर प्रबंधन ने पर्यावरण से एनओसी जारी किए जाने का हवाला दिया गया, जांच अधिकारी ने जब प्रबंधन से एनओसी दिखाने के लिए कहा तो प्रबंधन ने दिखानेसे मुकर गया।
पर्यावरण संरक्षण मंडल का संरक्षण
वेलकम डिस्लरी प्रबंधन की ओर से पिछले कई वर्षों से वायुमंडल में जहर घोलने का काम किया जा रहा है। प्रबंधन के खिलाफ लगातार शिकायतें हो रही है। शिकायत पर कार्रवाई करने का अधिकार पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों को है। एक सप्ताह पूर्व पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने वेलकम डिस्लरी पहुंचकर जांच की थी, लेकिन जांच के बाद अब तक फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं एसडीएम ने जांच में शिकायत सहीं पाई है। इससे स्पष्ट है कि पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी फैक्ट्री को मनमानी करने देने में पूरा संरक्षण दे रहे हैंं।
शिकायत पर जांच सहीं पाई गई है। फैक्ट्री से निकलने वाले वेस्ट से लगातार वातावरण प्रदूषित हो रहा है औरलोग इसकी चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। फैक्ट्री प्रबंधन को धारा 133 के तहत नोटिस जारी कर व्यवस्था दुरूस्त करने 4 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। व्यवस्था दुरूस्त नहीं होने पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अमित कुमार सिन्हा
एसडीएम कोटा