
Chhattisgarh News: साहब गाड़ी दे दो… घर में काम है। बिलासपुर ट्रैफिक थाने में दो महिलाएं एक छोटे बच्चे को लेकर पहुंची और भाई की जब्त बाइक छोड़ने की मांग करते हुए हंगामा करने लगीं। महिलाओं का कहना था कि उनके भाई की बाइक पुलिस ने गलत तरीके से जब्त की है। काफी देर बाद महिलाओं को समझाइश देकर घर भेजा गया।
बाइक चालक युवक ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उसका कहना था कि वह फल्ली खा रहा था, तभी पुलिस ने उसकी बाइक जब्त कर ली और पैसे मांगने लगी। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि युवक शराब के नशे में बाइक चला रहा था। ब्रेथ एनालाइजर से जांच के दौरान उसकी रीडिंग करीब 130 के आसपास आई थी। इसके बाद नियमानुसार वाहन जब्त कर धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में जब्त वाहन न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छोड़ा जाता है। मामला बढ़ता देख ट्रैफिक पुलिस ने सिविल लाइन थाने से महिला पुलिस बल बुलाया। महिला पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को समझाया और उन्हें बताया कि बाइक थाने से नहीं, बल्कि न्यायालय में जुर्माना जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छोड़ी जाएगी। इसके बाद महिलाएं वहां से चली गईं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ट्रैफिक पुलिस, रामगोपाल करियारे ने बताया कि बाइक चालक को शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़ा गया था। ब्रेथ एनालाइजर से जांच में करीब 130 के आसपास रीडिंग आई थी। इसके बाद नियमानुसार धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त किया गया है। ऐसे मामलों में वाहन न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही छोड़ा जाता है। महिलाओं को भी यही प्रक्रिया समझाई गई है।