
बिजली चोरी का ‘खुला कनेक्शन’ (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Electricity Theft: बिलासपुर जिले में बिजली चोरी का खेल अब चोरी-छिपे नहीं, बल्कि खुलेआम चलता नजर आ रहा है। चिंगराजपारा के भरत चौक क्षेत्र में बिजली के खंभों से सीधे हुकिंग कर अवैध कनेक्शन लिए जाने का मामला सामने आया है। तारों का जाल देखकर ऐसा लगता है मानो एक ही खंभे से पूरा मोहल्ला रोशन किया जा रहा हो। पत्रिका की ग्राउंड पड़ताल में सामने आया कि बिजली के खंभों पर लगे तारों से सीधे तार जोड़कर घरों तक कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। कई जगह तार खुले में लटकते और आपस में उलझे दिखाई देते हैं। ऐसे में बिजली चोरी के साथ-साथ करंट फैलने और शॉर्ट सर्किट से आग लगने का खतरा भी बना हुआ है।
चिंगराजपारा के भरत चौक क्षेत्र में बिजली के खंभे के आसपास कई तार दिखाई देते हैं। इनमें से कुछ तार सीधे घरों की ओर जाते नजर आए। स्थानीय स्तर पर इस तरह की हुकिंग के जरिए बिजली का इस्तेमाल किए जाने की स्थिति सामने आई। खास बात यह है कि जिस खंभे से कनेक्शन लिए गए हैं, वह मकान के आंगन के भीतर तक पहुंचा हुआ है।
बिजली चोरी का यह तरीका न केवल विद्युत कंपनी के राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा पैदा करता है। खुले तारों के कारण बारिश के दिनों में करंट फैलने की आशंका और तेज हवा में तार टूटने का खतरा और बढ़ जाता है।
बिजली चोरी की स्थिति केवल शहर के अंदरूनी इलाकों तक सीमित नहीं है। मोपका से लेकर कोनी और परसदा क्षेत्र के आउटर इलाकों में भी खंभों से सीधे हुकिंग कर अवैध कनेक्शन लिए जाने की स्थिति सामने आ रही है। यहां कई जगह खंभों से तार खींचकर आसपास के घरों और अन्य स्थानों तक बिजली पहुंचाई जा रही है। आउटर इलाकों में आबादी तेजी से बढ़ रही है। नई बसाहट के साथ बिजली कनेक्शन की जरूरत भी बढ़ी है, लेकिन इसी बीच कुछ स्थानों पर नियमों को दरकिनार कर सीधे लाइन से तार जोड़ने की शिकायतें सामने आती रही हैं। खुले इलाके में लटकते तार और अस्थायी कनेक्शन हादसे की आशंका को और बढ़ाते हैं।
खंभे से सीधे तार जोड़ना केवल बिजली चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह गंभीर सुरक्षा जोखिम भी है। खुले तारों के संपर्क में आने से करंट लगने की आशंका रहती है। बारिश के दौरान जमीन गीली होने पर खतरा और बढ़ जाता है। वहीं तार टूटकर सड़क या घर के आसपास गिर जाए तो राहगीरों और रहवासियों की जान पर बन सकती है।
बिजली चोरी का सीधा असर बिजली कंपनी के राजस्व पर पड़ता है। अवैध कनेक्शन के जरिए इस्तेमाल की गई बिजली का भुगतान नहीं किया जाता। इससे विद्युत कंपनी को आर्थिक नुकसान होता है और इसका अप्रत्यक्ष असर नियमित रूप से बिजली बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है।
इसके अलावा हुकिंग के कारण लाइन पर अनधिकृत लोड बढ़ता है। इससे तकनीकी खराबी और फॉल्ट की स्थिति पैदा हो सकती है। कई बार इसी वजह से ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या सामने आती है।
भरत चौक क्षेत्र में स्थिति किसी एक खंभे तक सीमित नजर नहीं आती। आसपास के अन्य खंभों पर भी तारों का गुच्छा दिखाई देता है। कई जगह बिजली के तारों को व्यवस्थित तरीके से लगाने के बजाय अलग-अलग दिशाओं में खींचकर घरों तक पहुंचाया गया है। इस तरह की हुकिंग से बिजली की लाइन पर अतिरिक्त भार पड़ने की आशंका रहती है। लाइन ओवरलोड होने पर फॉल्ट, ट्रांसफार्मर पर दबाव और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसका असर नियमित बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है।
जगत कामड़े, जेई, सीएसपीडीसीएल के मुताबिक, चिंगराजपारा, भरत चौक सहित संबंधित स्थानों पर बिजली चोरी की जानकारी उन्हें नहीं थी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच में यदि खंभे से सीधे हुकिंग कर अवैध कनेक्शन लेना पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
05 Oct 2026 12:16 pm
Published on:
05 Oct 2026 12:16 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
