
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिगड़ा गणित (Photo Patrika)
Smart Metar: एक मीटर बदला और कई घरों का महीनेभर का बजट बदल गया। बिजली का नया स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के हाथ में पहुंच रहे बिल अब सवाल खड़े कर रहे हैं। जिन परिवारों में हर महीने कुछ सौ रुपए का बिजली खर्च आता था, वहां अब हजारों रुपए के बिल पहुंच रहे हैं। किसी का बिल दोगुना हो गया तो किसी को चार गुना तक राशि चुकाने की नौबत आ गई। बढ़े हुए बिलों ने उपभोक्ताओं की नींद उड़ा दी है और वे जवाब की तलाश में बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
शहर से लेकर गांव तक एक ही शिकायत सामने आ रही है, स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खर्च का गणित बिगड़ गया है। उपभोक्ता पुराने बिलों और नए बिलों का अंतर लेकर विभाग पहुंच रहे हैं। कोई मीटर की जांच चाहता है तो कोई बढ़े हुए बिल का हिसाब मांग रहा है। स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि उन्हें बढ़े हुए बिल का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि वे पहले की तरह ही बिजली का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन बिल में अचानक बढ़ोतरी हो गई है।
नियमित रूप से समय पर भुगतान करने वाले परिवार भी अब अतिरिक्त राशि जुटाने को मजबूर हैं। नांदगांव निवासी सालिक पटेल ने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल करीब 200 रुपए आता था, लेकिन इस बार 460 रुपए पहुंच गया। उन्होंने कहा कि शिकायत करने के बाद भी बिल में कोई राहत नहीं मिली। महासमुंद निवासी शालू टंडन ने भी बताया कि इस बार उनका बिजली बिल 600 रुपए आया है। बिजली खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है और उपभोक्ताओं को बिल की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
त्रिमूर्ति कॉलोनी निवासी रोशन शर्मा ने बताया कि उनका सामान्य बिल करीब पांच हजार रुपए तक आता था, लेकिन इस बार राशि बढक़र 10 हजार 650 रुपए पहुंच गई। रोशन शर्मा का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही बिजली खपत अधिक दिखाई दे रही है। वह बिल की जांच कराने बिजली कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बताया गया कि 400 यूनिट से अधिक खपत होने पर हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नहीं मिलता और पूरी राशि जमा करनी पड़ती है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री पीआर वर्मा ने बताया कि बढ़े हुए बिल के पीछे स्मार्ट मीटर जिम्मेदार नहीं है। इस वर्ष गर्मी अधिक होने के कारण घरों में कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा है, जिससे खपत में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत होने पर हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पूरा बिल भुगतान करना पड़ता है, जिससे राशि अधिक नजर आती है।
सिरगिड़ी निवासी नंद कुमार साहू ने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल 250 रुपए तक आता था। जून महीने में यह बढक़र 1170 रुपए पहुंच गया। उन्होंने बताया कि गांव में कई बार बिजली आपूर्ति नियमित नहीं रहती, इसके बावजूद इतना अधिक बिल आने से परेशानी बढ़ गई है। नंद कुमार का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही बिल में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। गर्मी के मौसम में अचानक बढ़ी राशि ने ग्रामीण परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
उन्होंने विभाग से बिल की जांच कर वास्तविक खपत के अनुसार राशि तय करने की मांग की है। ग्राम साराडीह निवासी मेहतरू साहू ने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल 250 से 300 रुपए के बीच आता था। जून महीने में उन्हें 740 रुपए का बिल मिला। उन्होंने बिजली विभाग के शिकायत केंद्र में जाकर जानकारी ली, जहां उन्हें बताया गया कि बिजली दरों में वृद्धि के कारण बिल बढ़ा है। ग्राम साराडीह के मेहतरू साहू ने कहा कि अचानक बढ़ी राशि से सामान्य परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। यदि खपत में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है तो बिल बढऩे का स्पष्ट कारण बताया जाना चाहिए।
जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। कुल 3 लाख 13 हजार मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से करीब 75 प्रतिशत यानी 2 लाख 34 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अभी लगभग 82 हजार घरों में मीटर लगाने का काम बाकी है। बिजली विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली खपत की जानकारी मिलेगी और बिलिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी। हालांकि, वर्तमान में बढ़े हुए बिल को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिनकी जांच की मांग की जा रही है।
Updated on:
25 Jul 2026 06:22 pm
Published on:
25 Jul 2026 06:21 pm
