
Smart Meter Protest: तीन गुना तक बढ़े बिजली बिल(photo-patrika)
Smart Meter Protest: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे "जनता से पैसा लूटने की मशीन" करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी हुई है और कई लोगों के बिल वास्तविक खपत से दो से तीन गुना तक अधिक आ रहे हैं। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन चलाएगी और सरकार से स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई थीं। वहां की सरकार ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए स्मार्ट मीटर बदलने का फैसला लिया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनता के हित में इसी तरह का निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दूसरे राज्यों में स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ में भी इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
दीपक बैज ने सरकार पर मीटर जांच के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी की शिकायत करता है, तो उससे 1000 से 1500 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अपनी वास्तविक बिजली खपत जानने का अधिकार है। यदि मीटर में गड़बड़ी की आशंका है, तो उसकी जांच निशुल्क होनी चाहिए। मीटर जांच के लिए शुल्क लेना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी करने का भी आरोप लगाया। दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने कई बार बिजली की दरें बढ़ाई हैं और 400 यूनिट हाफ योजना को सीमित कर दिया है। उनके मुताबिक, अब 400 यूनिट से अधिक खपत होने पर उपभोक्ताओं को मिलने वाली सभी रियायतें समाप्त हो जाती हैं। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस जल्द ही प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकार पर इस मुद्दे पर निर्णय लेने का दबाव बनाएंगे। स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
Updated on:
19 Jul 2026 01:43 pm
Published on:
19 Jul 2026 01:42 pm
