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2028 में हिसाब होगा, सबकी दुकानदारी बंद होगी! रायपुर में नेता चरणदास महंत की सरकार को खुली चेतावनी

Charan Das Mahant Statement: रायपुर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार नहीं सुधरी, तो 2028 में कांग्रेस सत्ता में आकर व्यवस्था सुधारेगी।
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Charan Das Mahant

Charan Das Mahant: चरणदास महंत की सरकार को खुली चेतावनी(photo-patrika)

Charan Das Mahant: छत्तीसगढ़ के रायपुर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि सरकार अपने कामकाज में सुधार नहीं करती है, तो आने वाले समय में कांग्रेस की सरकार बनते ही व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा, “सुधर जाओ तो अच्छी बात है, नहीं सुधरोगे तो हमारी सरकार आएगी और हम सुधारेंगे।

”राहुल गांधी के NEET अनियमितता विरोधी अभियान को लेकर कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. महंत ने यह बयान दिया। इस दौरान पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया, श्रीकुमार मेनन, पंकज शर्मा, आकाश शर्मा और पप्पू बंजारे समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

Chhattisgarh Politics: अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री को घेरा

डॉ. महंत ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि अविश्वास प्रस्ताव इतना कमजोर था, तो सरकार ने उसका जवाब देने में 10 घंटे क्यों लगाए? उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने के बजाय केवल पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार की आलोचना करने में समय बिताया।

“मंत्री अपनी दुकानदारी बंद करें”

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य के मंत्रियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार के कई मंत्री “दुकानदारी” में व्यस्त हैं और जनता के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सब जानता हूं कि धान, कोयला, शराब और रेत के कारोबार में कौन क्या कर रहा है। मंत्रीगण अपनी दुकानदारी बंद करें और जनता के लिए काम करें।”

NEET को लेकर राहुल गांधी के अभियान का समर्थन

डॉ. महंत ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राहुल गांधी के अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि देशभर के करोड़ों छात्रों की पीड़ा को राहुल गांधी ने महसूस किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद से देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उनके अनुसार, यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि व्यवस्था में गहरी समस्या का संकेत है।

“बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़”

महंत ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा का लगातार बाजारीकरण हो रहा है और इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा दी जाए और प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए।

शिक्षा मंत्री और सोनम वांगचुक पर भी बोले

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के सवाल पर महंत ने कहा कि उनके इस्तीफे की चर्चाएं थीं, लेकिन उन्हें रोका गया। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मुद्दे पर उन्होंने केंद्र सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की। राज्य की राजनीति और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर दिए गए डॉ. चरणदास महंत के इन बयानों ने एक बार फिर सियासी माहौल को गर्मा दिया है।