
बिलासपुर. कोयला कारोबारी के मकान में चोरो ने धावा बोला और सो रहे बुजुर्ग दम्पती को उनके कमरे में बंद कर अलमारी से 35 लाख के गहने व लाखो रुपए नगद ले गए। रात को 3 बजे बुजुर्ग महिला जब उठी व बाहर जाने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो कमरा बाहर से बंद था। किसी तरह पम्प आपरेटर की सहायता से बुजुर्ग दम्पत्ती कमरे से बाहर आए तो घर में चोरी का पता चला। शिकायत पर तोरवा पुलिस मामले की जांच कर चोरो का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
तोरवा देवरीखुर्द सामुदायिक भवन के पीछे कोयला कारोबारी आकाश सिंघल का मकान है। मकान निर्माण के दौरान आकाश सिंघल ने एक मकान किराए पर ले रखा है, मकान में उनकी मां शशीबाला पिता एचपी सिंघल व एक बेटी रहते है। शुक्रवार शाम को खाना खाने के बाद शशीबाला पति एचपी सिंघल व बेटी एक ही कमरे में सो रहे थे। रात लगभग 3 बजे के आसपास शशी बाला उठी व बाहर बाथरूम में जाने के लिए दरवाजा खोलने का प्रयास किया। दरवाजा बाहर से बंद होने की वजह से दरवाजा नहीं खुला तो शशीबाला ने दरवाजे को जोर जोर से पीटना शुरू कर दिया। दरवाजा न खुलने की स्थिति में उन्होंने पहले अपने पडोसियों को फोन किया तो वह भी किसी प्रकार की मदद नही पाए।
इस दौरान शशीबाल ने पम्प आपरेटर को रात 3 बजे फोन लगाकर बुलाया व दरवाजा खोलने के लिए कहा। पम्प आपटेर पहुंचा तो पता चला पीछे का दरवाजा खुला हुआ है। पम्प आपरेटर ने दिवाल फांद कर अंदर दाखिल हुआ और शशी बाला सिंघल व अन्य को बाहर निकाला। बाहर आकर पीड़ित परिवार ने चेक किया तो अलमारी में रखे लगभग 35 लाख के गहने व 10 लाख से अधिक कैस चोरी हो चुका था। पीड़ित परिवार ने तोरवा थाने को घटना की सूचना दी। सूचना के बाद तोरवा पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच की और चोरो का पता लगाने का हवाला दे रही है।
मकान बन रहा था इस कारण रखा था घर में कैश
शशीबाला सिंघल ने बताया कि सामने में उनका मकान बन रहा है, मकान निर्माण के लिए रुपए की आवश्यकता होने की वजह से 6 लाख रुपए नगद रखे हुए थे। निर्माणाधीन मकान में जरूरत के अनुसार अलमारी से नगद निकाल कर सामान खरीदने के लिए परिवार के सदस्य दे देते थे। शशीबाला (70) ने बताया कि लाखो रुपए व 35 लाख के गहने रखे हुए थे, जिन्हें चोर ले कर चले गए है।
एल्यूमूनियमजाली में छेद कर मकान अंदर दाखिल हुए चोर
चोरी की जानकारी लगते ही सीएसपी पूजा कुमार, तोरवा थाना प्रभारी अंजली केरकेट्टा, एसीसीयू प्रभारी कृष्णा साहू व फारेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। घर की जांच के दौरान एसीसीयू की टीम ने पाया कि चोरो ने पीछे के दरवाजे से लगी एल्यूमूनियम की जाली में छेद कर कुंडी को खोला और मकान के अंदर दाखिल हुए है। पुलिस को लगता है कि छेद से किसी बड़े का हाथ नहीं घुस सकता है बच्चे का हाथ घूसा होगा लेकिन वह कुंडी तक नहीं पहुंच सकता। पुलिस दरवाजा कैसे खुला इसकी गुत्थी सुलझाने में लगी हुई है।
शशी बाला ने कहा वह काफी घबराई हुई थी पडोसी भी थे असाहय
शशी बाला सिंघल ने बताया कि रात में जब दरवाजा नहीं खुला तो वह काफी घबरा गई थी। पडोसी को फोन किया तो वे भी काफी बुजु्र्ग है उपर के मामले में रहते है। उन्होंने शशी बाला को बताया कि बीना किसी सहारे के वह नीचे नहीं उतर सकते। इस पर शशी बाला ने सामने घर वाले को फोन किया तो पता चला वह ट्रेन में है मदद नहीं कर पाऐंगे। इसके बाद पम्प आपरेटर चमन वर्मा को फोन कर बुलाया, चमन ने पहुंच कर दरवाजा खोला और शशीबाला व उनके पति को कमरे से बाहर निकाला।
पम्प आरपेटर ने बताई रात की कहानी
पम्प आरपेटर चमन वर्मा ने बताया कि बताया कि रात लगभग 3 से 30 के बीच उनके पास शशी बाला का फोन आया। फोन कर उन्होंने बताया कि किसी ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया है। वह घर में आकर उन्हें बाहर निकाले। पता चलते ही चमन वर्मा पहुंचे तो देखा कमरा बाहर से बंद है। चमन ने शशीबाला को फोन कर दरवाजा अंदर से ब्लाक होने की जानकारी दी। इस शशी ने कहा पीछे से चेक करिए शायद दरवाजा खुला हुआ हो। शशीबाला के कहने पर चमन वर्मा मकान के पीछे पहुंचे तो देखा दरवाजा खुला हुआ है। दिवाल फांद कर अंदर दाखिल हुए और मकान का दरवाजा खोल कर शशीबाला और उनके परिवार को बाहर निकाला और बंगल के कमरे में देखने पर पता चला चोरो ने वारदात को अंजाम दिया है।
तोरवा देवरीखुर्द में चोरी की जानकारी होने पर वहां पर टीम ने पहुंच कर जांच की है। पीड़ित से आवेदन लेकर अपराध दर्ज किया जा रहा है। अपराध दर्ज करने के बाद आगे की जांच शुरू की जाएगी।
पूजा कुमार, सीएसपी सिटी कोतवाली