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Grain ATM: छत्तीगढ़ में राशन के लिए अब घंटों इंतजार नहीं, कुछ मिनटों में मिल रहा अनाज

Chhattisgarh ration card: अब राशन के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद कुछ मिनटों में निर्धारित मात्रा में राशन मिल रहा है।
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Annpoorti Grain ATM

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम (Photo Patrika)

Chhattisgarh Grain ATM: सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। राशन दुकान में लंबी कतार, अपनी बारी का इंतजार और तौल को लेकर होने वाली चिंता जैसे अनुभवों को पीछे छोड़ते हुए अब हितग्राहियों को कुछ ही मिनटों में राशन मिल रहा है। सरकंडा में शुरू की गई ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ व्यवस्था ने राशन वितरण की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में नया कदम उठाया है।

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम

सरकंडा में शुरू हुई ”अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम” की नई व्यवस्था में राशन लेने की प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो रही है। तकनीक से जुड़ी इस पहल की शुरुआत के साथ ही हितग्राहियों को समय की बचत, सटीक तौल और पारदर्शी वितरण का अनुभव मिलने लगा है।

राशन लेने का अनुभव अब पहले से अलग

चिंगराजपारा निवासी हितग्राही प्रीति मानिकपुरी के लिए राशन लेने का अनुभव अब पहले से अलग है। वह बताती हैं कि अब लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ता। मशीन के माध्यम से राशन मिलने से प्रक्रिया आसान हो गई है और तौल को लेकर भी किसी तरह की चिंता नहीं रहती। इसी तरह हितग्राही दुर्गेश कुमार यादव बताते हैं कि ग्रेन एटीएम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद स्क्रीन पर उनकी पात्रता के अनुसार मिलने वाले राशन की मात्रा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। पुष्टि करने के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखते ही निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है। उनके लिए यह अनुभव न केवल आसान है, बल्कि राशन की मात्रा को लेकर भरोसा भी बढ़ाता है।

तकनीक के साथ बढ़ रहा भरोसा

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम” सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के उपयोग की दिशा में एक नई पहल है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से लेकर स्क्रीन पर पात्रता की जानकारी और निर्धारित मात्रा में राशन के स्वचालित वितरण तक पूरी प्रक्रिया हितग्राही के सामने होती है। इससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है। अभी इस नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है, लेकिन शुरुआती अनुभवों में ही इसका सबसे महत्वपूर्ण असर दिखाई देने लंगा है।

राशन लेने में लगने वाला समय कम

राशन लेने में लगने वाला समय कम हुआ है और हितग्राहियों का भरोसा बढ़ा है। आने वाले समय में यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। छत्तीसगढ़ शासन की यह अभिनव पहल तकनीक को जनसुविधा से जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का लाभ केवल उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उसे सम्मानजनक, सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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