चुनावी शराब: नागरिकों ने रतनपुर थाने को दी जानकारी, पुलिस ने खानापूर्ति कर जांच से किया इनकार
बिलासपुर . मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही शराब की फैक्ट्री से शराब की ट्रकों से धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है। परमिट कहीं का और भंडारण किसी और जिले का दर्शाया जा रहा है। एेसे ही तीन वाहनों में से दो वाहनों को शनिवार को नागरिकों ने पकड़ कर रतनपुर थाने के हवाले किया गया। लेकिन पुलिस ने सिर्फ परमिट देखकर मान लिया कि शराब सरकारी दुकान जा रही है। पुलिस अफसरों ने ट्रकों में शराब की पेटियों को खोल कर देखना मुनासिब नहीं समझा और कुछ देर बाद वाहनों को छोड़ दिया गया।
जिले की एकमात्र शराब फैक्ट्री कोटा विकासखंड के ग्राम छेरकाबांधा में स्थित है। वेलकम डिस्टलरी से प्रतिदिन औसत ६ ट्रकें शराब भेजी जा रहीं है। इस फैक्ट्री से जाने वाली शराब की बोतलों पर हॉलमार्क, लेबल नहीं होते है। अगर यह दोनों चीजें रहती है तो परमिट अलग-अलग स्थानों का बनाया जाता है। लेकिन शराब को तय परमिट के हिसाब न भेजकर दूसरे जिलों में भेजा जा रहा है।
अवकाश के दिन निकली ट्रकों से शराब
शनिवार को वेलकम डिस्टलरी शराब फैक्ट्री आधिकारिक तौर पर अवकाश होने की वजह से बंद था। इसके बाद भी शनिवार को शाम करीब सवा सात बजे शराब से भरी तीन ट्रकें रवाना की गई। लेकिन वहां के नागरिकों ने अवैध शराब होने की आशंका पर इन वाहनों का पीछा किया गया और रतनपुर थाने को सूचना दी गई। पुलिस केवल दो ट्रक को पकड़ सकी । इसमें एक ट्रक का नंबर सीजी १० एके ११७८ था। वहीं दूसरे ट्रक का नंबर सीजी १२ रहा और उसके आगे के नंबर धूमिल कर दिए गए थे।
परमिट सक्ती का और भंडारण कोरबा का
पुलिस ने दोनों वाहनों के चालकों से से पूछताछ की गई। चालकों ने शराब जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती जाने की जानकारी दी गई। लेकिन लिफाफे में कोरबा में शराब का भंडारण करना दर्शाया गया था। पुलिस ने सरकारी शराब होने का हवाला देकर दोनों ट्रकों की शराब की पेटियों की जांच करने से इनकार कर दिया गया। कुछ देर के बाद दोनों ट्रकों को छोड़ दिया गया ।
कैमरा बंद, कपड़ा ढकना जैसे हथकंडे
वेलकम डिस्टलरी के शराब फैक्ट्री में एक जिला स्तर के अधिकारी को तैनात किया गया है। लेकिन इस अधिकारी की भूमिका पूरी तरह से संदेहास्पद है। वहीं सुरक्षा बल तैनात किए गए है। लेकिन इन बलों को कोई लेना-देना नहीं रहता है। फैक्ट्री परिसर में २४० सीसीटीवी कैमरे लगाए है। लेकिन अवैध शराब बनाने और निकालने के समय इन सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया जाता है अथवा उन कैमरों को कपडे़ से ढक दिया जाता है। कभी कंट्रोल रूम के कैमरे को डिसकनेक्ट कर दिया जाता है।
कटघोरा में पकड़ाई थी शराब लदी मेटाडोर
शनिवार की रात करीब नौ बजे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या १११ पर कटघोरा मीरा टॉकीज के पास निर्वाचन आयोग की उडऩदस्ता टीम ने मेटाडोर को रोका था। ड्राइवर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया था। आयोग की टीम ने मेटाडोर को कटघोरा थाने के हवाले कर दिया था। गाड़ी अभी पुलिस की अभिरक्षा में है। इस पर लोड शराब बिलासपुर की एक फैक्ट्री से कटघोरा के रास्ते अंबिकापुर भेजी जा रही थी।
कोरबा में 800 पेटी शराब व गाड़ी सीज, आबकारी विभाग की महिला इंस्पेक्टर सस्पेंड
कोरबा. ८०० पेटी शराब लदे वाहन मामले में शनिवार की देर रात से लेकर रविवार शाम तक नाटकीय घटनाक्रम चलता रहा। अंत में इस मामले में आयोग के आदेश पर कार्रवाई की गई। मिली जानकारी के अनुसार शराब की जांच में लापरवाही बरतने पर निर्वाचन आयोग ने आबकारी विभाग की महिला इंस्पेक्टर सोनल अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। शराब जब्त कर गाड़ी को सीज कर दिया है साथ ही एफआईआर दर्ज कर जांच का आदेश दिया है। निर्वाचन आयोग ने प्रारंभिक जांच के बाद बिलासपुर से मेटाडोर में अंबिकापुर भेजी जा रही ८०० पेटी शराब और गाड़ी की परमिट को अवैध माना है। इसे गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्जकर जांच का आदेश दिया है। रविवार को सहायक आयुक्त आबकारी अधिकारी मंजूलता कसेर की उपस्थिति में कांग्र्रेसियों के सामने मेटाडोर से तिरपाल हटाया गया। शराब की बोतल को पेटियों से निकालकर जांच चालू हुई। गाड़ी पर एक-एक पाव वाली 800 पेटी शराब मिली। लेकिन शराब की बोतल पर छत्तीसगढ़ सरकार के आबकारी विभाग की हॉलमार्क वाली सील नहीं लगी थी। शराब परिवहन के लिए जारी की गई परमिट भी आबकारी विभाग की जांच में फर्जी पाई गई है। प्रारंभिक जांच के आधार पर आबकारी विभाग ने शराब को अवैध माना है।
..मेरे विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि बिलासपुर के वेलकम बिसलरी से 800 पेटी शराब कटघोरा के रास्ते कोरबा भेजी जा रही है। इसकी तस्दीक करने मैं खुद थाने पहुंचा, पुलिस ने ट्रक ड्रायवर व बिसलरी के कर्मचारी को थाने से भगाने में मदद की। प्रशासनिक अधिकारियों ने रिस्पांस नहीं दिया। मैंने इसकी शिकायत आब्जर्वर से की है।
जय सिंह अग्रवाल, विधायक कोरबा
..आबकारी निरीक्षक सोनल को निलंबित कर दिया गया है। ८०० पेटी शराब अवैध पाए जाने पर गाड़ी सहित सीज कर दिया गया है। परमिट भी प्रारंभिक जांच में फर्जी पाई गई है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।
कैसर अब्दुल हक,कलेक्टर, कोरबा