
बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में 16 नवंबर को होने वाले सातवें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह होंगे। साथ ही महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनसी गौतम विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. अशोक गजानन मोडक करेंगे। दीक्षांत समारोह में कुल 145 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे, इनमें सत्र 2016-17 के 68 छात्रों और 2017-18 के 77 छात्रों को शामिल किया गया है। दीक्षांत समारोह की तैयारियों और पूरे कार्यक्रम की जानकारी के संदर्भ में सीयू के प्रशासनिक भवन के सभा कक्ष में मंगलवार को पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। मीडिया प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. प्रतिभा जे. मिश्रा ने बताया कि राज्य के एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का आयोजन बड़े गर्व की बात है।
पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता ने कहा कि यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि मां सरस्वती की असीम कृपा एवं बाबा गुरु घासीदास आशीर्वाद से विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह का आयोजन 16 नवंबर को होने जा रहा है। ये बड़े गर्व की बात है कि इस समारोह के मुख्य अतिथि यूजीसी के चेयरमैन प्रो. धीरेन्द्र पाल सिंह होंगे। इस अवसर पर 145 छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय की कुलपति होने के नाते उनके द्वारा विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। सातवां दीक्षांत समारोह ढाई घंटे चलेगा। दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास 15 नवबंर को विश्वविद्यालय के रजत जयंती सभागार में सुबह 9.30 बजे और 16 नवंबर को समारोह सुबह 10.30 बजे प्रारंभ होगा, जो लगभग ढाई घंटे चलेगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय की समस्त तैयारियां पूरी हो चुकी है। समारोह को सफल बनाने के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं और इन सभी सभी समितियों ने समय पूर्व अपना कार्य पूर्ण कर लिया है। अब तक की गयी तैयारियां की समीक्षा की जा रही है।
पोर्टल पर अपलोड होगी उपाधि : समारोह के सह-संयोजक प्रो. एचएन चौबे ने राष्ट्रीय शैक्षणिक निक्षेपागार (नैड) की जानकारी देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में छात्रों को प्रदान की गई उपाधि नैड के पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है। विश्वविद्यालय के छात्र दुनिया के किसी भी कोने से अपना ई-प्रमाण-पत्र ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही 7वें दीक्षांत समारोह में प्रदान की जाने वाली उपाधियों को नवंबर के अंत तक नैड के पोर्टल पर अपलोड करने का प्रयास किया जाएगा। । कुलपति प्रो. गुप्ता ने पत्रवार्ता के समापन पर कहा कि इस दीक्षांत समारोह के बाद छात्रों की कोई भी उपाधि एवं परीक्षा परिणाम लंबित नहीं रहेगा।
समारोह के लिए 6 द्वार बनाए जाएंगे : दीक्षांत समारोह के संयोजक प्रो. एएस रणदिवे ने बताया कि दीक्षांत समारोह का आयोजन रजत जयंती सभागार के मुख्य हॉल में होगा और हॉल में प्रवेश के लिए छह प्रवेश द्वार में बनाए गए हैं। हॉल के मुख्य द्वार से शोभा यात्रा का प्रवेश एवं निर्गमन होगा। समारोह में सबसे पहले पीएचडी की उपाधि दी जाएगी, इसके बाद छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।