
शैलेन्द्र पाण्डेय/ बिलासपुर . अनुशासन की तूती बजाने वाली भाजपा बिलासपुर में भी बिखरी नजर आई। बीते दिनों तक प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर शहर में पहुंचे तो स्थानीय विधायक के हिमायतियों और गैरहिमायतियों में फर्क नजर आया। मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक हर प्रभारी मंत्री को अपने जिलों में स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी बातें सुनना हैं और नाराजगी दूर करना है। इसे लेकर ही प्रभारी मंत्री ने संगठन के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। लेकिन इस बैठक में स्थानीय विधायक शामिल नहीं हुए और न ही उनके करीबियों ने ही बैठक का रुख किया। प्रभारी मंत्री इस पर भड़क उठे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भड़के प्रभारी मंत्री ने सबको बुलवाकर लाइन से खड़ा करके अपने मातहतों जैसी फटकार लगाई।
जब उखड़े कार्यकर्ता: प्रभारी मंत्री के सामने कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके काम न होने की बात कही तो प्रभारी मंत्री ने इसे स्थानीय नेतृत्व पर टालते हुए कहा कि बिलासपुर का तो भगवान ही मालिक है।
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कार्यकर्ताओं के यहां रुकने के निर्देश : मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को अपने कार्यकर्ता के घर रुकने, रात बिताने और अफसरों के सामने ही दरबार लगाकर नाराजगी खत्म करने के भी निर्देश दिए हैं। लेकिन चंद्राकर छत्तीसगढ़ भवन में रुके थे।
मंत्री अमर की तबियत थी नासाज : मंगलवार को भाजपा कार्यालय में संगठन की बैठक में विदेश दौरे से लौटे स्थानीय मंत्री अमर अग्रवाल की तबीयत ठीक नहीं थी। बताया गया कि वे इसी कारण शामिल नहीं हुए।
पदाधिकारियों से कहा, क्या उम्मीद करें आपसे : इस बैठक के दौरान संगठन पदाधिकारियों से शहर के हालात और निगम प्रशासन के कामकाज पर बात की तो वे बहुत संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, इस पर अपने बिगड़े बोल के लिए मशहूर प्रभारी मंत्री चंद्राकर और बिगड़ गए। इस पर तल्खी जाहिर करते हुए बोले क्या एेसे नेतागिरी करते हैं। आपसे क्या उम्मीद रखें।