
CG Elephant Attack: छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले के मरवाही वनमंडल में एक बार फिर जंगली हाथियों की आमद से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। मध्यप्रदेश की ओर से आए तीन हाथियों का दल मरवाही वन परिक्षेत्र के कुम्हारी और चिचगोहना गांव तक पहुंच गया है। देर रात हाथियों ने एक ग्रामीण के घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया, राशन खा लिया और घर के सामान को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का दल बुधवार देर रात कुम्हारी गांव पहुंचा। इस दौरान एक घर में घुसकर हाथियों ने उत्पात मचाया। घर में रखा राशन खा लिया और कई घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया। अचानक हाथियों के घर में घुसने से परिवार के लोग सहम गए। किसी तरह उन्होंने सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरी रात डर के साए में बिताई। गांव में हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी सतर्क हो गए।
वन विभाग के अनुसार, तीन जंगली हाथियों का यह दल मध्यप्रदेश की ओर से मरवाही वन क्षेत्र में दाखिल हुआ है। फिलहाल हाथियों की गतिविधियां कुम्हारी और चिचगोहना गांव के आसपास देखी जा रही हैं। विभाग लगातार उनकी लोकेशन पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान न हो।
इस समय मरवाही क्षेत्र में खेती-बाड़ी का काम तेज़ी से चल रहा है। किसान सुबह से देर शाम तक खेतों में काम कर रहे हैं। ऐसे में हाथियों की मौजूदगी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अब खेतों में काम करने और रात के समय घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि हाथियों का दल गांवों के आसपास ही डटा रहा तो फसलों और संपत्ति को भी भारी नुकसान हो सकता है।
हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे रात के समय अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं, हाथियों के झुंड के करीब जाने की कोशिश न करें और किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। साथ ही हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की गई है।
मरवाही वनमंडल और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ी है। भोजन और आवास की तलाश में हाथी अक्सर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं सामने आती रहती हैं। वन विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर लौटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।