बिलासपुर

कोरोना नई राहें: दफ्तर के आधे कार्य अघोषित तौर पर वर्क फ्रॉम होम की तरह होते है

मुख्यमंत्री ग्राम सडक़ योजना के दफ्तर में आधे कार्य फील्ड पर और आधा काम अघोषित तौर पर वर्क फ्रॉम होम की तरह किए जाते है। पूरा कार्य ऐसा होने से कोई दिक्कत नहीं होगी।
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कोरोना नई राहें: दफ्तर के आधे कार्य अघोषित तौर पर वर्क फ्रॉम होम की तरह होते है
कोरोना नई राहें: दफ्तर के आधे कार्य अघोषित तौर पर वर्क फ्रॉम होम की तरह होते है

बिलासपुर . मुख्यमंत्री ग्राम सडक़ योजना के दफ्तर में आधे कार्य फील्ड पर और आधा काम अघोषित तौर पर वर्क फ्रॉम होम की तरह किए जाते है। पूरा कार्य ऐसा होने से कोई दिक्कत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ग्राम सडक़ योजना के कार्यालय में एक कार्यपालन अभियंता, दो अनुविभागीय अधिकारी, 6 सब इंजीनियर, एक एकाउंट अफसर ,दो सहायक गे्रड तीन एवं तीन भृत्य कार्यरत है। इनमें आधे अधिकारियों का कार्य शतप्रतिशत फील्ड में रहता है। इसलिए इनके हर दिन दफ्तर आने की बाध्यता नहीं है। ये फील्ड की रिपोर्ट अपने -अपने आवासीय से देते है अथवा कार्यालय आकर बनाते है। इंजीनियरों का एक तरह से कार्य अमूमन वर्क फ्रॉम होम है। मुख्यालय से दिशानिर्देश ऑनलाइन आते है। टेंडर की प्रक्रिया ऑनलाइन है। दफ्तर का आधा कार्य वर्क फ्रार्म होम के समान है।
पीएमजीएसवाई कार्यालय में एमबी बुक भरने की व्यवस्था ऑनलाइन नहीं है। बिल बनाने और चेक से भुगतान के कार्य ही ऑफलाइन होते है। इन कार्यों की ऑनलाइन व्यवस्था होने पर पूरी तरह से वर्क फ्रॉर्म होम की परिकल्पना पूरी हो सकती है। शासन की तरफ से ऐसा विकल्प देने पर किसी को कोई समस्या नहीं होगी।
आधे कार्य वर्क फ्रॉम होम के समान
विभाग के अस्सी फीसदी इंजीनियर फील्ड पर रहते है। उनका कार्य आसानी से वर्क फ्रॉम होम की तर्ज पर होता है। इसलिए इस पद्धति से कार्य होने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
डीएस कश्यप, ईई , सीएमजीएसवाई ,बिलासपुर

Published on:
22 May 2020 10:19 pm
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