बॉलीवुड

104 दिन बाद अपने डॉगी संग समंदर किनारे पहुंची प्रीति, डायना बोली- महामारी ने बताया जीवन का महत्व

अभिनेत्री प्रीति जिंटा (Preity Zinta) अपने डॉगी ब्रुनो के साथ लगभग सौ दिनों के बाद समंदर के किनारे पहुंची और उन्होंने इसका जमकर लुफ्त उठाया। प्रीति जिंटा ने ब्रुनो के साथ इसकी एक तस्वीर भी साझा कीं, जिसमें वह शॉर्ट्स, लैवेंडर टॉप और स्नीकर्स में नजर आ रही हैं।

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Jun 26, 2020
Preity Zinta Diana Penty

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा (Preity Zinta) अपने डॉगी ब्रुनो के साथ लगभग सौ दिनों के बाद समंदर के किनारे पहुंची और उन्होंने इसका जमकर लुफ्त उठाया। प्रीति जिंटा ने ब्रुनो के साथ इसकी एक तस्वीर भी साझा कीं, जिसमें वह शॉर्ट्स, लैवेंडर टॉप और स्नीकर्स में नजर आ रही हैं। कोरोना वायरस (Corona virus) के लिए एहतियात बरतते हुए प्रीति हाथ में दस्ताने भी पहनी हुई हैं। तस्वीरों के साथ कैप्शन में वह लिखती हैं, हमारी पहली ट्रिप - आखिरकार 104 दिनों के बाद हम बीच पर गए और हमें काफी अच्छा लगा। हम दोनों स्वर्ग में थे। हैशटैगसन हैशटैगसैंड हैशटैगवॉटर हैशटैगडची हैशटैगब्रुनो हैशटैगडॉगसोफिन्सटा हैशटैगटिंग।

प्रीति जिंटा और उनका डॉग ब्रूनो कोरोनावायरस के कारण पिछले कई दिनों से घर में बंद थे। हाल ही में प्रीति ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने दिखाया है कि किस तरह से उनका डॉग वर्कआउट करते हुए भी उन्हें अकेला नहीं छोड़ता है और इस वजह से उनके पति जीन गुडएनफ ब्रूनो को रोकने की कोशिश करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को इंस्टाग्राम (Preity Zinta Instagram) पर शेयर करते हुए प्रीति ने लिखा, 'जहां चाह है वहां रहा है... ब्रूनो ने मुझे वर्कआउट करने से रोकने के लिए हर तरह से कोशिश की लेकिन मेरे पति परमेश्वर ने पूरा ध्यान रखा कि मैं आराम से अपने पुशअप्स खत्म कर सकूं. मैं उम्मीद करती हूं कि इससे आपको भी इंस्पीरेशन मिलेगी और आप भी कभी हार नहीं मानेंगे। जिम या बिना जिम के लगे रहो। अभिनय की बात करें, तो प्रीति साल 2018 में आई फिल्म 'भैय्याजी सुपरहिट' के साथ आखिरी बार बड़े पर्दे पर नजर आई थीं। इस फिल्म के साथ वह सात साल बाद फिल्मों में अपनी वापसी की थीं। फिल्म में सनी देओल, अमीषा पटेल जैसे कलाकार भी थे।

महामारी ने मुझे जीवन का महत्व बताया: डायना पेंटी
अभिनेत्री डायना पेंटी का कहना है कि कोविड-19 महामारी प्रकृति का एक तरीका है, जो इंसानों को ठहरने के लिए कहती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महामारी ने उन्हें जीवन के महत्व को जानना सिखाया है। डायना ने कहा, मुझे लगता है कि यह महामारी, प्रकृति का रोकने का एक तरीका है, जो हमें बस ठहरने के लिए कह रही है। हम अपनी खुद की भलाई के लिए बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे थे। इस बार यह इतना कठिन था कि इसने मुझे हर चीज से अलग-थलग होने का मौका दिया। उन्होंने आगे कहा, सबसे महत्वपूर्ण यह कि इसने मुझे जीवन के महत्व के बारे में, जो मेरे प्यारे हैं जो मेरे आसपास की दुनिया है उसके महत्व के बारे में बताया। मैं उन चीजों के लिए आभारी हूं जो मेरे पास हैं, और मैंने किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेना सीख लिया है।

Published on:
26 Jun 2020 11:08 am
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