अभिषेक बच्चन की तुलना लोग बिग बी से करते रहते हैं। कई बार तो उन्होंने नेपोटिज्म का प्रोडक्ट भी कहा जाता है। अभिषेक बच्चन ने साल 2000 में फिल्म रिफ्यूजी से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था।
नई दिल्ली: बॉलीवुड में अकसर नेपोटिज्म का मुद्दा उठता रहता है। अपने वक्त में बॉलीवुड के शंहशाह अमिताभ बच्चन ने फिल्मों में खूब नाम कमाया और अभी भी वो एक के बाद एक हिट फिल्मों में काम कर रहे हैं। ऐसे में उनके बेटे अभिषेक बच्चन की तुलना लोग बिग बी से करते रहते हैं। कई बार तो उन्होंने नेपोटिज्म का प्रोडक्ट भी कहा जाता है। अभिषेक बच्चन ने साल 2000 में फिल्म 'रिफ्यूजी' से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। लेकिन अपने करियर में वह अकेले कोई बड़ी हिट फिल्म नहीं दे पाए। लेकिन इन दिनों वह वेब सीरीज से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा रहे हैं। ऐसे में हाल ही में उन्होंने नेपोटिज्म को लेकर अपनी बात कही।
अभिषेक बच्चन का मानना है कि अगर ऑडियंस आपके काम को पसंद नहीं करती है तो इंडस्ट्री में आप सर्वाइव नहीं कर सकते हो, चाहे आपकी कितनी ही बड़ी जान पहचान क्यों न हो। नेपोटिज्म को लेकर अभिषेक ने कहा कि उनके पिता ने कभी किसी फिल्म के लिए उनकी सिफारिश नहीं की और न ही किसी को कभी कॉल किया।
फिल्म नहीं चलेगी तो काम नहीं मिलेगा
अभिषेक बच्चन ने एक इंटरव्यू में कहा, 'यह सच है कि मेरे पिता ने कभी किसी को कॉल नहीं किया। उन्होंने कभी भी मेरे लिए फिल्म नहीं बनाई। इसके विपरीत मैंने उनके लिए फिल्म पा को प्रोड्यूस किया था।' अभिषेक ने आगे कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि यह एक बिजनेस है। पहली फिल्म में काम करने के बाद अगर ऑडियंस को आपके अंदर कुछ नहीं दिखता है या फिर फिल्म अच्छा परफॉर्म नहीं करती है तो आपको काम नहीं मिलेगा। यही कड़वी सच्चाई है।
मुझे कई फिल्मों से रिप्लेस किया गया
इसके साथ ही अभिषेक ने कहा कि जब मेरी फिल्में नहीं चलती हैं तो मुझे पता होता है। मैं जानता हूं कि मुझे कई फिल्मों से रिप्लेस किया गया है। कई फिल्म बन ही नहीं सकीं। लोगों को लगता है कि मैं अमिताभ बच्चन का बेटा हूं तो चांदी के चम्मज के साथ पैदा हुआ हूं। लेकिन हकीकत यह नहीं है। वर्क फ्रंट की बात करें अभिषेक बच्चन जल्द ही फिल्म लूडो में नजर आएंगे। इस फिल्म को अनुराग कश्यप ने डायरेक्ट किया है।