सोनू सूद (Sonu Sood) ने प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में खूब मदद की है. सोनू सूद (Sonu Sood) अभिनेता होने के साथ एक इंजीनियर हैं
नई दिल्ली। जब पूरे देश में कोरोनावायरस का कहर तेजी से बढ़ने से लोग घर से बेघर हो रहे थे तब गरीबों का मसीहा बनकर उतरे थे बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood)। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ना केवल प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में खूब मदद की, बल्कि छात्र-छात्राओं के लिए विशेष बसों को इंतजाम कराकर उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचवाया था। और आज भी सोनू सूद(Sonu Sood) गरीबों की मदद करने में पीछे नही हटे है। देश विदेश तक उनके कामों की चर्चा हो रही है।
अभी हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सोनू सूद (Sonu Sood) ने अपनी जिंदगी से जुड़ी कुछ बाते शेयर की । जिसमें उन्होनें बताया कि जब वो नागपुर के वायसीसी कॉलेज से इलेक्टॉनिक्स में बीई कर रहे थे। उस दौरान कॉलेज में बने उनके साथी झगड़ा करने वाले, मार-धाड़ करने वाले ज्यादा थे। और मै उन्हें हमेशा समझाता था कि झगड़ा मत करो, हम घऱबार छोड़कर पढ़ाई करने आए। मां-बाप का नाम रोशन करने आए हैं इसलिए इन सबमें मत पड़ो। लेकिन फिर भी वो लोग कुछ न कुछ पंगा करके आ ही जाते थे। कई बार तो ऐसे झगड़े भी हुए थे कि तलवार से लेकर देसी पिस्टल तक निकलने लगे थे। जिसके बाद उनपर मुकदमा चला। यह सीन भी किसी फिल्म से कम नही था।"
सोनू सूद (Sonu Sood) ने बताया कि कॉलेज में लड़को की मस्ती के लड़ाई-झगड़े इतने हो जाते थे कि लड़के एक होकर मारने पीटने लग जाते थे जैसा कि मेरे साथ हुआ था। होस्टल में रहने के दौरान मेरे कमरे में कुछ लड़को ने आकर मेरी भी पिटाई कर दी थी, इतना ही नही उन्होंने मुझे हॉकी से पीटा था जिससे मेरे चेहरे पर खून ही खून नजर आ रहा था मैं खून देखकर काफी डर गया कि इन लोगों ने मेरा चेहरा खराब कर दिया। फिर मैंने भी अगले दिन अपने पेपर को मिस करके लड़को का ग्रुप बनाकर उन्हीं लड़को को पीटने के लिए निकल पड़े और मौका देखते ही उनपर टूट गए। फिर अगले दिन पुलिस ढूंढ रही थी हम लोगों को। इसलिए पांच दिन तक हम वहां नहीं गए। कॉलेज का वो समय भी कमाल का था।"