
नई दिल्ली। बॉलीवुड में एक्ट्रेस एश्वर्या और करीना कपूर को हर किसी ने देखा होगा कि ये सेलिब्रटी जहां भी जाती है अपने बच्चे को हमेशा अपने साथ ही ले जाते हुए नजर आती है। फिर चाहे शूट का समय हो, या फिर कोई बड़ा इंवेट ही क्यों ना हो। क्योंकि यह बात तो मानना जरूरी है कि ये भी एक सिलेब्रिटीज ना होकर एक मॉम भी हैं।
कई बार ऐसा भी देखा गया है कि ये दोनों ही अपने बच्चो को लेकर शूटिंग सेट पर स्पॉट की गईं। ऐसे में कई लोग यह सवाल उठाते दिखे कि एक बार शूटिंग शुरू हुई तो बच्चे भला वहां क्या करते हैं? आखिर क्यों ये स्टार मॉम्स अपने बच्चों को काम की जगह पर ले जाती हैं? लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों को काम की जगह पर ले जाने के फायदे ही फायदे होते हैं।
साथ में समय बिताना
ये बात तो हर कोई जानता है कि हर बिज़ी मॉम्स के साथ सबसे बड़ी दिक्कत तब होती है जब वह काम के साथ अपने परिवार और खासतौर से बच्चों को प्यार व पूरा अटेंशन नही दे पाती। ऐसे में बच्चों को अपने साथ रखने समय बिताने का मौका मिल जाता है। उन्हें अपने काम के साथ कुछ दूसरी चीजो को भी सीखने का मौका मिलता है। जो बच्चा घर के अंदर बंद रहकर नही सीख सकता।
बच्चा नहीं रहेगा अकेला
करीना और सैफ ने इस बात का खास ध्यान रखा है कि दोनों में से जब कोई एक व्यस्त रहेगा तो दूसरा घर पर रुकेगा ताकि तैमूर अकेला न रहे। अगर ऐसी स्थिति आती है कि दोनों ही अपने शेड्यूल खाली नहीं रख पा रहे हैं तो उस समय कोई एक तैमूर को अपने साथ शूटिंग पर ले जाएगा। सैफ-करीना की यह अप्रोच तारीफ के काबिल है। दरअसल, जब बच्चा छोटा होता है तो उसका सबसे बड़ा इमोशनल बॉन्ड माता-पिता के साथ ही जुड़ता है। ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी उसके व्यक्तित्व पर नेगेटिव असर डाल सकती है। ऐसा न हो इसलिए बेहतर है कि बच्चे को वर्क प्लेस पर साथ मे ले जाया जाए।
मां के दूसरे पक्ष से परिचित होना
अक्सर एश्वर्या अपनी बेटी अराध्या को अपने साथ इसलिए भी रखती है जिससे वो दूसरों के नेचर से भी वाकिफ हो। बाहर निकलकर बच्चा दूसरे पक्ष से भी परिचित होता है। उनके माहौल में उनके पहनावे से लेकर बातचीत करने तक का तरीका बच्चों को देखने को मिलता है। इसके साथ ही बच्चे को अपनी मां के नेचर के साथ इससे उसे दोनों माहौल के बीच भी फर्क करने में मदद मिलेगी और वह जगह के अनुसार अपने व्यवहार का ढालना सीखेगा।
चीजों और लोगों के नेचर के बारे में सीखना
यह बात भी सच है कि जब एक्ट्रेस अपने बच्चे को साथ रखती है तो वह पर रहकर लोगों के अलग-अलग नेचर को देखता और उसे दूसरों को समझने और बात करने के लहज़े के बारे में सीखने का भी मौका मिलता है।
बच्चे अपने से बड़ों को देखकर और आसपास मौजूद चीजों से काफी कुछ सीखते हैं। यह उनके डेवलपमेंट के लिए अच्छा है।