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तब्लीगी जमात पर चुप्पी साधे Javed Akhtar पर अशोक पंडित ने उठाए थे सवाल, गीतकार ने कहा- ‘वह ठीक कर रहे हैं’

तब्लीगी जमात पर अशोक पंडित ( Ashok Pandit ) ने साधा गीतकार जावेद अख्तर ( Javed Akhtar ) पर निशाना ट्वीट कर बोलें तब्लीगी जमात की हरकतों पर चुप्पी चुभ रही है जवाब में जावेद अख्तर ने कहा वह सब कुछ ठीक कर रहे हैं

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Jan 21, 2021
Ashok Pandit-Javed Akhtar Twitter Debate On Issue Of Tablighi Jamaat

नई दिल्ली। साल 2020 में आई महामारी कोरोनावायरस के लिए जितना जिम्मेदार चीन का मना जा रहा है। उतना ही जिम्मेदार तबलीगी जमात को भी मना जाता है। आपको याद होगा कि सितंबर के महीने में दिल्ली से करीबन 233 तब्लीगी जमात के सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सोशल मीडिया आम से लेकर खास लोगों तक ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। वहीं अब एक बार से तब्लीगी जमात पर अशोक पंडित ( Ashok Pandit ) और गीतकार जावेद अख्तर ( Javed Akhtar ) की जुबानी जंग देखने को मिल रही है।

दरअसल, इस मामले की शुरूआत तब हुई जब जावेद अख्तर ने एक ट्वीट करते हुए बीएमसी द्वारा सैंपल को लेने और तुरंत मरीजों का इलाज करने के लिए के उनकी जमकर तारीफ की थी। इस ट्वीट को पढ़ने के बाद अशोक पंडित ने उनके ट्वीट पर कोट करते हुए लिखा था कि ''सर आपने बीएमसी की जो तारीफ की है वो सराहनीय है, लेकिन मैं अभी भी इंतजार कर रहा हूं कि आप तबलीगी जमात पर चुप्पी कब तोड़ेंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपने मुरादाबाद की तस्वीरें देखी होंगी। इस आपराधिक कृत्य पर खामोशी क्यों? '' अब इस ट्वीट के बाद से दोनों के बीच शीतयुद्ध देखने को मिल रहा है।

यह ट्वीट पढ़ने के बाद जावेद अख्तर ने बड़े ही धैर्य और शालीनता के साथ अशोक पंडित को जवाब दिया। जावेद ने अपने जवाब में लिखा कि ' 'अशोक जी, सीधी बात कीजिए, क्या आप जो मुझे बरसों से जानते हैं, ये सोचते हैं कि मैं कम्यूनल हूं। कोई और पूछता तो पूछता. आप जो मेरे दोस्त हैं, क्या आप नहीं जानते कि तबलीगी जमात जैसी हर संस्थान चाहे हिंदू हो या मुस्लिम के बारे में मैं क्या सोचता हूं। ''

जावेद अख्तर का ट्वीट पढ़ अशोक पंडित फिर चुप नहीं बैठे और उन्होंने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि आखिर आप क्यों पब्लिकली जमात के लोगों की हरकतों को कंडेम को क्यों करते हैं? आपकी आतंकवादियों पर साधी हुई चुप्पी काफी चुभ रही है। जिसके जवाब में जावेद अख्तर कहते हैं कि "वह हिंदू और मुस्लिम दोनों में जब भी कट्टपंथियों के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं। एक तरफ लोग के उन्हें काफिर तो दूसरी तरफ लोग जिहादी कहने लगते हैं। ऐसे में जब तक दोनों ही तरफ से गालियां सुनने को मिल रहीं है तो वह यकीन रखते हैं कि वह कुछ ठीक ही कर रहे हैं।"

Published on:
21 Jan 2021 02:22 pm
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