मशहूर अभिनेता आयुष्मान खुराना और उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप इस बार की दीवाली पूरा खुराना परिवार एक साथ मनाएगा
नई दिल्ली। हमारे देश में गरीबी और बेरोजगारी इतनी है कि इससे छुटकारा पाने के लिये एक मजबूत देश का होना काफी जरूरी है। और खासकर समाज के लोग जब तक होकर इस काम को आगे नही बढा़येगें तब तक गरीब और ही गरीब होता जाएगा। अभी हाल ही में शहरों में कूड़ा बीनने वाली महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल की है मशहूर अभिनेता आयुष्मान खुराना और उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप ने। उन्होनें इस दिवाली से उनके हलात को मजबूत बनाने के लिये एक नई मुहिम शुरू की है। खुराना दंपति इस साल अपने परिचितों को जो तोहफे भेज रहे हैं, उनमें शामिल दीये और मोमबत्तियां इन्हीं कूड़ा बीनने वाली महिलाओं ने बनाए हैं। दोनों ने इस साल दिवाली पर अपने बच्चों के साथ चंडीगढ़ जाने का भी फैसला किया है और ये दीवाली पूरा खुराना परिवार एक साथ मनाएगा।
त्यौहार पर तोहफों के बारे में अपने इस नए विचार के बारे में आयुष्मान कहते हैं, “दिवाली का मतलब अपने घर के साथ दूसरों के घर मेें भी रोशनी फैलाना होता है। हम हर त्यौहार अपने-अपने परिवारों के साथ मनाते हैं, लेकिन हमें इस बात का भी ध्यान में रखना चाहिए कि, कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें हम सहारा देकर उनके चेहरे पर भी मुस्कान ला सकते हैं। हमने इन तोहफों के जरिए इन महिलाओं की ज़िंदगी में बदलाव लाने का प्रयास किया है।
वहीं उनकी पत्नि ताहिरा का कहना हैं, "हमने इन महिलाओं के तैयार किए गए प्रोडक्ट्स को तोहफे के रूप में देने का फैसला लिया ताकि हम उनकी शानदार प्रतिभा को दुनिया के सामने ला सकें और लोगों को उनके द्वारा हासिल सकारात्मक नतीजों के बारे में बता सकें। हम उनकी मेहनत को सबके सामने लाना चाहते हैं, साथ ही हम सभी को यह बताना चाहते हैं जिदगी बेहद कीमती है और इसे केवल पेट पालने के लिए खतरनाक काम करके बर्बाद नहीं करना चाहिए।
ताहिरा आगे कहती हैं, "हम सभी को मिलकर ऐसी अनगिनत महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाना होगा और इसलिए हम चाहते हैं कि ज्यादा-से-ज्यादा लोग उनके काम के बारे में जानें और उन्हें सहारा दें।"