
बॅालीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ( bhumi pednekar ) के लिए आने वाले महीने बेहद खास हैं। अगले कुछ महीनों में एक्ट्रेस की एक के बाद एक तीन बड़ी फिल्में रिलीज होगी। भूमि एक बार फिर एक्टर आयुष्मान खुराना के साथ नजर आने वाली हैं। दोनों स्टार्स फिल्म 'बाला' में साथ नजर आएंगे। इसमें एक्ट्रेस एक सावले रंग की लड़की का किरदार अदा कर रही हैं। इस बारे में बात करते भूमि ने बताया कि इस फिल्म से वह लोगों की सोच में बदलाव लाना चाहती हैं। आज भी देश में कई लोग ऐसे हैं जो रंगभेद को लेकर दूसरों का मजाक बनाते हैं। यह फिल्म ऐसे लोगों की सोच बदलने की एक छोटी सी कोशिश है।
लोगों की सोच को बदलना है
भूमि ने बताया, 'देखिए फिल्म में वो मेरा किरदार है। जब आप फिल्म देखेंगे तो समझ जाएंगे कि हम मूवी में रंग का मजाक नहीं उड़ा रहे। इस फिल्म के जरिए हम कुछ लोगों की सोच को बदलना चाहते हैं जो रंग भेद को लेकर दूसरों का मजाक बनाते हैं।'
एक्टर इसलिए बनी ताकि अलग किरदार निभा सकूं
एक्ट्रेस ने आगे कहा, 'मैं बहुत दिनों से आर्टिकल्स पढ़ रहीं हूं, जैसे फिल्म 'सांड की आंख' में हमारी उम्र को लेकर विवाद हुआ। मुझे नहीं लगता इस बात में कुछ गलत या सही है। एक एक्टर के तौर पर मैं सिर्फ अपना काम कर रही हूं। मैं एक्टर इसलिए बनी हूं ताकि अलग- अलग तरह के किरदार अदा कर सकूं। अगर ऐसा नहीं होता तो मेरा इस इंडस्ट्री में आने का क्या मतलब।'
किरदार के अनुसार ढलना जरूरी
भूमि ने आगे कहा, 'एक पल के लिए अगर मैं अलग किरदार न चुनती तो शायद 'दम लगा के हइशा' जैसी फिल्में ही न बनती। इस फिल्म के लिए मैंने 30 किलो वजन बढ़ाया था। अगर यह गलत है तो फिर इस फिल्म के किरदार में मुझे होना ही नहीं चाहिए था।'
पुरुष का किरदार भी निभाऊंगी
एक्ट्रेस ने बताया, 'मेरी सभी फिल्में अलग थी और सभी में मेरा लुक अलग था। मैं हमेशा से अपने एक्टिंग कॅरियर को लेकर क्लियर रही हूं। अगर मुझे आगे एक आदमी का किरदार भी निभाने के लिए कहा जाएगा और वह कहानी अच्छी होगी तो मैं उसे जरूर करना चाहूंगी। चाहे उसके लिए मुझे किसी भी हद तक जाना पड़े। यह सब निर्देशक की डिमांड होती है। अगर वह कुछ अलग कहानी लेकर आते हैं तो मैं क्यों न करूं।'