जून के बाद खोले जा सकते हैं सिनेमाघर जून के महीने में COVID-19 महामारी की स्थिति का आकलन के बाद होगा फैसला
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े लॉकडाउन (Lockdown) में जनजीवन पूरी तरह से घरों के भीतर बंद हो कर थम गया था, इसकी मार सिनेमा घरों (Cinema houses) पर भी पड़ी है, लेकिन ऐसा लगता है कि अब जल्द ही सिनेमाघर एक बार फिर से खुलने की तैयारी में हैं। दरअसल सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने इस विषय में मंगलवार को यह कहा है कि, जून में देश में कोरोना की स्थिति देखने के बाद जल्द ही इस पर कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। सूचना प्रसारण मंत्री जावड़ेकर (Prakash Javadekar video conferencing) ने यह बात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एसोसिएशन ऑफ फिल्म प्रोड्यूसर्स, सिनेमा एग्जिबीटर्स एंड फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से ऑनलाइन बैठक में कही।
कोविड-19 (COVID-19 )की वजह से लगातार चल रहे लॉकडाउन (Lockdown)को देखते हुए पूरी फिल्म इंडस्ट्री बुरे दौर से गुज़र रही है, और एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने इस बदहाली से इंडस्ट्री को उबारने के लिए यह बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपने बयान में सूचना प्रसारण मंत्री ने सिनेमाघरों को दोबारा खोलने के विषय में पूंछे गए सवाल पर कहा कि जून के महीने में कोरोना वायरस के असर को देखते हुए, दोबारा सिनेमा घरों को खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जावड़ेकर से फिल्म/धारावाहिकों के शूटिंग को दोबारा शुरू किए जाने के विषय में पूछने पर उन्होंने कहा कि सरकार धीरे-धीरे रिओपेन करने का प्लान बना रही है, इनके लिए कुछ सुरक्षा मानक तय किए गए हैं। सूचना प्रसारण मंत्री ने प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए इस बात की सराहना की कि भारत ऐसा देश है जहां केवल सिनेमा की टिकटों से हर दिन लगभग 30 करोड़ रुपये की इनकम होती है।
ये विदित हो कि मार्च के आखिरी हफ्ते से लगे लॉकडाउन की वजह से फिल्म और सीरियल्स की शूटिंग पूरी तरह से बंद है, और सिनेमाघर भी वीरान पड़े हैं, इसकी वजह से फिल्मों की रिलीज डेट सभी को टलनी पड़ रही है, फिल्म निर्माण के लिए मार्केट से उठाए गए पैसों पर ब्याज तेजी से बढ़ रहा है जिसका फिल्म के बजट पर बुरा असर पड़ रहा है। कुछ प्रोड्यूसर सीधे रिलीज ना करके ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जाने को मजबूर हैं, जिसका असर सीधा-सीधा उनकी कमाई पर पड़ रहा है।