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टीचर की डांट से लेकर फिल्मफेयर अवार्ड में विरोध करने तक, कुछ ऐसा था लता मंगेशकर की जिंदगी का सफर

लता दीदी का जन्म 28 सितम्बर, 1929 को हुआ था। उन्होंने इस इंडस्ट्री को कई मशहूर गाने दिए।
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Updated: 28 Sep 2018, 9:45 AM IST
birthday special: lata mangeshkar 7 unknown facts
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देश के कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर का आज जन्मदिन है। अपनी मधुर आवाज से भारत वासियों के दिलों में संगीत की छाप छोड़ने वाली लता दीदी का जन्म 28 सितम्बर, 1929 को हुआ था। उन्होंने इस इंडस्ट्री को कई मशहूर गाने दिए। लता की आवाज पर एक आम आदमी से लेकर बड़े-बड़े दिग्गज हस्तियां फिदा थीं। उनकी प्रोफेशनल लाइफ से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन आज हम आपको स्वर कोकिला लता के जीवन के उन पहलुओं से रूबरू करवाएंगे, जिन्हें शायद ही कोई जानता हो।

क्या आप जानते हैं लता बहुत कम दिनों के लिए स्कूल गईं थीं। गायकी के अलावा लता मंगेशकर ने अभिनय भी किया है।

सबसे पहले आपको बता दें कि लता का असली नाम हेमा रखा गया था। हालांकि बाद में उनके पिता ने ही उनका नाम बदलकर लता कर दिया।

इसके अलावा लता को हमेशा से गायिकी का शौक रहा। वह स्कूल में पढ़ाई से ज्यादा संगीत में दिलचस्पी दिखाया करती थीं। एक बार जब वह स्कूल में बच्चों को संगीत सिखाने लगीं तो इसके लिए उन्हें टीचर्स से डांट पड़ी।

इसके बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया। पर इसके बावजूद उन्हें 6 अलग-अलग विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधि दी गई।

क्या आप जानते हैं लता मंगेशकर के असली गॉडफादर गुलाम हैदर थे। उन्होंने ही लता की आवाज को पहचाना था।

आपको जानकर हैरानी होगी कि फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट प्लेबैक सिंगर जैसी पहले कोई कैटेगरी नहीं होती थी। पर लता मंगेशकर ने इसका विरोध किया, जिसके बाद साल 1958 में फिल्मफेयर ने इस कैटेगरी को अवॉर्ड लिस्ट में शामिल किया।

पहली बार लता ने सिनेमा में गाने को लेकर तब सोचा जब शषधर मुखर्जी फिल्म शहीद की शूटिंग कर रहे थे। उस दौरान अचानक उन्हें एक प्लेबैक सिंगर की जरूरत पड़ी। लता मंगेशकर उस वक्त उनके लिए गाना चाहती थीं पर आवाज पतली होने के कारण उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया।

Updated on:
28 Sep 2018, 9:45 AM IST
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