
हाल में जोधपुर कोर्ट ने 20 साल पुराने काला हिरण शिकार मामले में बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान सहित नीलम, तब्बू, दुष्यंत को बरी कर दिया गया। जबकि सलमान खान को दोषी मानते हुए जोधुपर कोर्ट ने 5 साल जेल की सजा सुनाई हैं। जिसके बाद सलमान को जेल में भेजा गया, लेकिन दो दिन जेल में रहने के बाद उन्हें बेल मिल गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सैफ से पहले उनकी फैमिली भी एक ऐसे ही मामले में फंस चुकी है। बता दें कि हिरण शिकार मामले में सिर्फ सैफ ही नहीं बल्कि उनकी बहन सोहा और उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी भी फंस चुके हैं। कई साल पहले पुलिस ने सैफ के पिता मंसूर पर भी हिरण शिकार का आरोप लगाया था। बात 5 जून, 2005 की है जब हरियाणा के झज्जर जिले में जंगलों में मंसूर पटौदी शिकार पर गए थे।
छह लोगों पर लगा था आरोप
झज्जर के स्टेशन होम आॅफिसर ने मंसूर पटौदी सहित छह लोगों पर हिरण का शिकार करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिस ने एक मादा काला हिरण और खरगोशों के शव उनकी दो गाड़ियों से बरामद किए थे। इतना ही नहीं पुलिस ने गाड़ी से 22 बोर राइफल भी बरामद की थी। बताया गया था कि यही राइफल हिरण के शिकार में इस्तेमाल की गई थी। खास बात ये थी कि यह राइफल मंसूर पटौदी की बेटी सोहा अली के नाम पंजीकृत थी।
2009 में सोहा का लाइसेंस हुुआ रद्द
साल 2009 में गुड़गांव जिला मजिस्ट्रेट ने नियमों का उल्लघंन करने के मामले में सोहा अली खान की राइफल का लाइसेंस रद्द कर दिया था। फरीदाबाद की एक विशेष पर्यावरण अदालत ने 9 साल बाद जनवरी, 2015 में अपना फैसला सुनाया। पटौदी सहित 6 लोगोंं को हिरण शिकार मामले में 3 साल की सजा सुनाई गई। साथ ही अदालत ने दोषियों पर 10,000 रुपए जुर्माना भी लगाया। बता दें कि पटौदी का निधन 2011 हो गया था। इसलिए बाद में उनका नाम आरोपियों की लिस्ट से हटा दिया गया था।