
इंडिया में अब दो वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध बनाना कोई अपराध नहीं माना जाएगा। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने दो वयस्कों के बीच सहमति से बने समलैंगिक संबंधों को अपराध मानने वाली धारा 377 को निरस्त कर दिया है। लंबे समय से इस मुद्दे पर बहस चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही बॉलीवुड स्टार्स इस पर अपनी-अपनी राय देते नजर आ रहे हैं। बता दें कि बॉलीवुड की कुछ फिल्मों में इसे बेबाकी से दिखाया गया। समलैंगिकता पर बनी फिल्मों में कई बड़े स्टार्स अभिनय कर चुके हैं। हां, इन फिल्मों को लेकर कट्टरपंथियों ने काफी विरोध भी किया। आज हम आपको ऐसी ही 6 फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं वो कौन सी फिल्में हैं जिसमें समलैंगिक संबंधों को पर्दे पर दिखाया गया है...
फायर:
1996 में आई दीपा मेहता की इस फिल्म में समलैंगिक विषय को बखूबी दिखाया गया है। फिल्म की कहानी दो ऐसी औरतों की है जो रिश्ते में जेठानी और देवरानी होती हैं। ये किरदार शबाना आजमी और नंदिता दास ने निभाए थे।
'अलीगढ़':
हंसल मेहता निर्देशित फिल्म 'अलीगढ़' साल 2015 में आई थी। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी ने एक ऐसे टीचर का किरदार निभाया था जो कि समलैंगिक होता है। इस रोल के लिए मनोज को सराहना भी मिली थी। मूवी में राज कुमार राव का भी एक अहम किरदार था।
'कपूर एंड संस':
2016 में आई फिल्म 'कपूर एंड संस' बड़ी स्टार कास्ट की फिल्म थी। शकुन बत्रा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में फवाद खान ने समलैंगिक का किरदार निभाया है। लेकिन समाज के डर से वो इस बारे में छिपाता है।
'माई ब्रदर निखिल':
साल 2005 में आई 'माई ब्रदर निखिल' फिल्म की कहानी एक स्वीमिंग चैंपियन की है जो समलैंगिक है और HIV का शिकार हो जाता हैं। इस फिल्म में संजय सूरी ने लीड रोल निभाया है, जिसमें जूही चावला ने उनकी बहन का रोल अदा किया है।
'गर्लफ्रेंड':
साल 2004 में आई फिल्म 'गर्लफ्रेंड' पर बहुत हंगामा हुआ था। इस फिल्म में लेस्बियन रिश्ते को दिखाया गया था। इसमें ईशा कोप्पिकर और अमृता अरोड़ा ने लीड रोल किया है।
'आई एम':
साल 2010 में रिलीज हुई 'आई एम' फिल्म नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली पहली गे फिल्म थी। फिल्म में चार अलग-अलग कहानियां दिखाई गयी थी, जिसमें से एक कहानी समलैंगिकता पर थी। इसमें राहुल बोस ओर अर्जुन माथुर ने लीड रोल प्ले किया था।