
Birth Anniversary: बॉलीवुड के भारत रत्न कहे जाने वाले महान डायरेक्टर आज अपनी 103वीं बर्थ एनिवर्सरी मना रहे हैं।अपने करियर में इन्होंने खूब उपलब्धि हासिल की। डायरेक्टर की पहली सैलरी महज 18 रुपए थी, इनके प्यार का किस्सा भी बेहद अलग रहा। हम बात कर रहे है फेमस डायरेक्टर सत्यजीत रे की। इनके पूरे जीवन की बात करें तो डायरेक्टर की जिंदगी एक फिल्मी कहानी थी। आइये जानते हैं सत्यजीत रे के बारे में कुछ अनसुने और दिलचस्प किस्से...
सत्यजीत रे का जन्म 2 मई 1921 को कलकत्ता में हुआ था। सत्यजीत रे कंपनी के काम से लंदन गए थे, उन्हें वहां का सिनेमा इतना पसंद आया कि वह खुद डायरेक्टर बन गए। इन्होंने ज्यादा फिल्में बंगाली भाषा में ही बनाईं। पहली फिल्म 'पाथेर पांचाली' ने कई अवार्ड जीते थे। हिन्दी में सत्यजीत रे ने 'शतरंज के खिलाड़ी' जैसी शानदार फिल्म बनाई। जो हिन्दी सिनेमा की यादगार फिल्म है। इन्होंने अपनी पूरे करियर में 36 नेशनल अवॉर्ड जीते थे। ये ऐसे डायरेक्टर थे जिनके लिए खुद ऑस्कर अवॉर्ड चलकर भारत आया था। सत्यजीत रे बीमारी की वजह से ट्रेवल नहीं कर सकते थे, इसी वजह से उन्हें ऑस्कर देने के लिए कमेटी के अध्यक्ष भारत आए थे।
सत्यजीत रे को अपनी जिंदगी में प्यार हुआ तो वो भी अपनी कजिन से। सत्यजीत रे और विजया रे बहन-भाई थे। विजया के पिता, सत्यजीत रे की मां के सबसे बड़े और सौतेले भाई थे। ऐसे ये करीबी रिश्तेदार थे और दोनों का पूरा बचपन साथ में बीता था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को प्यार करने लगे। शादी करने में काफी चुनौतियां आ रही थी, जिस वजह से उन्होंने पहले विजया की बहन से उनका हाथ मांगा और मंदिर में शादी कर ली। फिर धीरे-धीरे परिवार को बताया और काफी कोशिश करने के बाद सत्यजीत रे ने सभी को मना लिया और 3 मार्च 1949 को दोबारा विजया से शादी कर ली।